पटना. आरपीएफ की टीम ने रेड मिर्ची साॅफ्टवेयर बेचने वाले शातिर विवेक कुमार को गिरफ्तार किया है। न्यू जक्कनपुर में रहने वाले विवेक की पुलिस को चार माह से तलाश थी। वह बेंगलुरु, बड़ौदा से लेकर अन्य शहरों में ठिकाना बदल रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल को सर्विलांस पर ले रखा था।

पुलिस उसे दबोचने एक-दो दिनों में गुजरात जाने वाली थी कि उसके पटना आने का पता चल गया। जैसे ही वह घर पहुंचा, राजेंद्रनगर टर्मिनल आरपीएफ प्रभारी आरआर कश्यप व उनकी टीम ने छापेमारी कर उसे दबोच लिया। वह फर्जी तरीके से तत्काल का ई-टिकट बनाने वालों को यह सॉफ्टवेयर बेचता था। उसने करोड़ों की कमाई की है।

निशानदेही पर पकड़ा गया एक और शातिर : फर्जी आईडी से तत्काल का ई-टिकट बनाने वालों के खिलाफ आरपीएफ आईजी रवींद्र वर्मा ने मिशन आरोग्यम अभियान शुरू किया है। दानापुर रेल मंडल के वरीय कमांडेंट चंद्रमोहन मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है। बहरहाल जब विवेक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने आशियानानगर रोड नंबर एक में रहने वाले शंभु शर्मा के के बारे में जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वहां छापेमारी कर शंभु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वहां से 80 हजार रुपए का तत्काल 37 ई-टिकट, दो लैपटॉप, छह एटीएम, 1900 नकद के साथ ही विवेक और शंभु के पास से चार मंहगे स्मार्ट मोबाइल बरामद किए। पिछले एक माह में इस तरह के चार शातिरों की गिरफ्तारी हुई है।

दो माह में दो लाख के टिकट बेचे : वरीय कमांडेंट चंद्रमोहन मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में शंभु ने बताया कि पिछले दो माह में उसने दो लाख का करीब 150 टिकट बेचा है। वह रेड मिर्ची साॅफ्टवेयर की मदद से आईआरसीटीसी के दिए गए एक आईडी से कई सिस्टम पर लॉगइन कर लेता है। जैसे ही तत्काल टिकट बनने का समय शुरू होता है, वैसे ही वह धड़ाधड़ टिकट बना लेता है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *