सेवा नियमित करने के लिए गर्दनीबाग से विधानसभा का घेराव करने जा रहे कम्प्यूटर शिक्षकों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें भी कीं। लाठीचार्ज की घटना में आधे दर्जन से अधिक महिलाएं और पुरुष प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसमें दिनेश ठाकुर का सिर फट गया, जबकि राजीव कुमार, विनोद सिन्हा, राजेश कुमार, पिंकी कुमारी, सोनाक्षी सिन्हा चोटिल हो गई। दिनेश ठाकुर को गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पटना में गुरुवार को गर्दनीबाग इलाके में कंप्यूटर शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं
दरअसल, बिहार कम्प्यूटर शिक्षक बीते 675 दिनों से सेवा नियमित की मांग को लेकर गर्दनीबाग में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं। सरकार से आश्वासन के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से आहत होकर शिक्षक गुरुवार को मुख्यमंत्री से मिलने निकल पड़े। प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग पुल के नीचे जैसे ही पहुंचे कि वैसे ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। आक्रोशित प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। प्रदर्शनकारी उसके बाद भी नहीं माने और गर्दनीबाग धरनास्थल की मुख्य सड़क पर डटे रहे। प्रशासन दोबारा सक्रिय हुआ और वाटर कैनन वाहन को बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश हुई। आधे घंटे तक वाटर कैनन से पानी की बौछारें की गईं, लेकिन प्रदर्शनकारी डटे रहे। अंत में प्रदर्शनकारियों को वार्ता कराने की बात कही गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

गर्दनीबाग इलाके में शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने उन पर पानी की बौछार की
शिक्षकों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता मुख्यमंत्री के वित्तीय सचिव से हुई, जिसमें कहा गया कि आपकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाएगी। इस वार्ता से शिक्षक संतुष्ट नहीं हुए। शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि जल्द हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन फिर तेज होगा।
वाटर कैनन के प्रहार से नाले में गिरे मजिस्ट्रेट
वाटर कैनन के प्रहार में मजिस्ट्रेट एमएस खान गंदे नाले में गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नाले से निकाला। इस घटना में मजिस्ट्रेट बाल-बाल बच गए। दरअसल प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए मजिस्ट्रेट ने वाटर कैनन से पानी की बौछार करने का आदेश दिया था। वाटर कैनन से जैसे ही पानी की बौछार शुरू हुई, मजिस्ट्रेट सामने आ गए, जिससे वे नाले में गिर पड़े। वाटर कैनन संचालक आबिद अंसारी ने बताया कि हम लोगों को पानी छोड़ने की ट्रेनिंग नहीं मिली है। इसमें पूरी तरह अन्ट्रेंड हैं।
महिला चोटिल हो गई
पानी की बौछार में प्रदर्शनकारी महिला पिंकी कुमारी भी चोटिल हो गई। महिला के ऊपर दस मिनट तक पानी की बौछार होती रही, जिससे महिला नीचे गिर गई। उसके बाद भी पानी की बौछार रोकी नहीं गई। महिला बेहोश होकर गिर गई। शरीर के कई हिस्सों में चोट आई। महिला के साथ इस तरह की घटना होने के बाद भी पुलिस तमाशा देखती रह गई।


