हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को राज्य में अवैध रूप से संचालित और बगैर सुविधाओं वाले सभी पैथोलॉजी लौबोरेट्री को दो सप्ताह के अंदर बंद कराने का निर्देश दिया है.

याचिका में दायर अवैध तरीके से संचालित किये जा रहे राज्य के सभी पैथ लैब, नर्सिंग होम, विभिन्न पॉलीक्लिनिक्स, और छोटे, मध्यम और बड़े अस्पतालों पर अदालत ने गुरूवार को अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने जिन 19 जिलों की जांच में अवैध रूप से चल रहे पैथोलॉजी लैबोरेट्री को पाया है, उसे तुरंत बंद कर दिया जाए. उनके बारे में मामले की सुनवाई की अगली तारीख को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा. शेष जिलों की जानकारी भी अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश की जानी चाहिए.

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से क्या कहा

सूबे के सभी जिले में हजारों की संख्या में पैथोलॉजी लैब खुल गए हैं. इन लैबोरेट्रीज में न तो योग्य डॉक्टर हैं और न ही टेक्नीशियन. जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर हमेशा संशय बना रहता है.

राज्य सरकार ने अपना क्या पक्ष रखा

सुनवाई के समय अदालत को राज्य सरकार के अधिवक्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बताया था कि पटना के 213 पैथोलॉजी लैब में से 58 पैथोलॉजी लैब को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. ये मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं. वहीं पूर्वी चंपारण में चल रहे 77 पैथोलॉजी लैब में से 13 पैथोलॉजी लैब को भी बंद किया जा चुका है. ये अवैध रूप से चल रहे थे.

इतना ही नहीं राज्य के अन्य 18 जिलों में भी अवैध रूप से बिना बुनियादी सुविधाओं के चल रहे सैकड़ों पैथोलॉजी लेबोरेट्री को चिन्हित कर नोटिस किया जा चुका है.

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By न्यूज़ डेस्क

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