नारायणपुर – प्रखंड के जयपुर चुहर पुरब,जयपुर चुहर पश्चिम, नगड़पारा उत्तर,भवानीपुर एवं सिंहपुर पुरब पंचायत में बुधवार को जिलापदाधिकारी के निर्देश पर नवगछिया एसडीएम मुकेश कुमार ने पीएचईडी एसडीओ नसीम नजर, बीडीओ अजय प्रकाश राय,सीओ रामजपी पासवान के साथ मुख्यमंत्री जल नल योजना के पॉच पंचायत के 28 वार्ड में योजना का जाँच किया. 28 वार्ड में जल नल योजना में लगभग तीन करोड़ अड़तीस लाख, पंद्रह हजार छह सौ की राशि के खर्च का स्टीमेट बताया गया. दिनभर एसडीएम की गाड़ी विभिन्न पंचायत में जॉच से संवेदक व जनप्रतिनिधियों में हड़कंप था.
तीन करोड़ अड़तीस लाख पंद्रह हजार छह सौ राशि की योजना कार्य पर जताया असंतोष
मुख्यमंत्री जल नल योजना पायी अनियमितता
जॉच की नाम सुनकर पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, संवेदक जॉच स्थल पर एसडीएम को सहयोग करने या जानकारी देने नहीं पहुंचे. एसडीएम मुकेश कुमार ने बताया कि जयपुर चुहर पूरब के वार्ड संख्या 1, 3, 4, 8,10,12 में योजना का जॉच किया गया सभी जगह एक सौ बीस से एक सौ पचास तक बोरिंग की गहराई मिला जो कारगर नहीं है. मोटर भी एक एचपी का लगा था. पाइप की मोटाई भी कम थी. कई वार्ड में तो रुपये निकासी के अनुरूप कार्य भी नहीं हुआ है. मोटर, पाइप, तार सहित अन्य कागजात भी नहीं दिखा पाया.

वहीं एसडीएम ने बताया की एक एचपी का मोटर पानी नहीं खीच सकता है. ऐसा मोटर चॉक कर जाएगा. किसी भी जल नल योजना का एमबी बुक नहीं कराया गया है. न ही अभिलेख तैयार किया गया है. रेकर्ड संधारित नहीं था. जयपुर चुहर पूरब में एसडीएम ने पाया कि टंकी का अर्धनिर्मित कार्य करके संवेदक द्वारा कार्य बंद कर दिया है. संवेदक को वार्ड विकास समिति ने पांच लाख सन्तानवे हजार राशि कार्य कराने दिया गया है. एसडीएम ने कहा की संवेदक कार्य नहीं कर सकता है. वार्ड विकास समिति को कार्य कराने का अधिकार है.
सिंहपुर पूरब, नगरपारा उत्तर,भवानीपुर में भी कार्य को असंतोषजनक बताया. किसी भी पंचायत में कोई अभिलेख नहीं दिखाया गया. सूचना के बाद भी वार्ड सदस्य, वार्ड सचिव अनुपस्थित रहे. किसी भी सूरत में एजेंसी कार्य नहीं करवा सकता है. नियमतः वार्ड विकास समिति को कार्य करने तक का अधिकार है. दो सौ घरों में नल से पानी की आपूर्ति होगी तो वहाँ तीन एचपी का मोटर आवश्यक है. बोरिंग की गहराई कम से कम ढाई सौ फीट आवश्यक है. लेकिन पॉचों पंचायत में एक सौ बीस से एक सौ साठ फीट बोरिंग की गहराई पाया गया. साथ ही बताया कि जॉच का सभी रिपोर्ट जिलाधिकारी भागलपुर को भी जॉच के बाद देर शाम सौंप दिया गया.


