पूर्णिया के रघुवंशनगर ओपी क्षेत्र में 6 वर्षीय मासूम बच्ची से दरिंदगी और गला रेतकर हत्या के मामले में ‘मुरली’ की मदद से पुलिस कथित हत्यारे तक पहुंची। हत्यारों की पहचान मृतका के चचरे भाई और उसके दो पड़ोसी दोस्त के तौर पर हुई है।


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इस संबंध में एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान और डॉग स्क्वायड की मदद से घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात को अंजाम देने में मृतका का चचेरा भाई और उसका पड़ोसी दोस्त शामिल हैं। पूछताछ ने दौरान तीनों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने घर में ही बच्ची का रेप किया। इसके बाद पकड़ाये जाने के डर उसकी हत्या कर दी।

एसपी ने बताया कि तीनों को स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलवायी जाएगी। मृतका के पिता ने बताया कि उनके भाई का बेटा ऐसा जघन्य अपराध करेगा। ऐसा उनलोगों ने सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि अगर पुलिस त्वरित कार्रवाई नहीं करती तो शायद अपनी बेटी के हत्यारों का पता भी नहीं चल पाता।

ऐसे मिला हत्यारे का सुराग
दअरसल शनिवार सुबह 8 बजे पुलिस जब डॉग स्क्वायड ‘मुरली’ को लेकर औरलाहा गांव पहुंची तो गांव में लोगों की भीड़ जुट गयी। ग्रामीणों में हत्यारे के बारे में जानने की इतनी उत्सुकता थी सभी अपने-अपने घर से बाहर निकल पुलिस के आसपास मंडराने लगे। मुरली(डॉग स्क्वायड) को पूरा गांव घुमाया गया। सबसे पहले पुलिस मुरली को लेकर दुकान की पीछे झाड़ी में गयी। जिस बोरे में लाश मिली थी पुलिस डॉग मुरली को वहीं बोरा सूंघाया। मुरली गांव का चक्कर लगाते करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव में ही कामत टोला पहुंच गया। एक व्यक्ति के कामत पर जाकर बैठ गया

पुलिस को देखकर चचेरा भाई काफी सहम गया
इसके बाद वहां मुरली पुलिस के साथ मृतका के घर पर पहुंच गया। घर पर पहुंचते देख पुलिस सहित ग्रामीण सकते में आ गये। इसके बाद मुरली घर के आंगन में घूमने लगा। पुलिस को संदेह हो गया कि हत्यारा इसी घर का ही है। पुलिस की नजर मृतका 12 वर्षीय चचेरे भाई पर पड़ी। पुलिस को देखकर की वह काफी सहम गया। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना सारा जुर्म कबूल लिया।

कबूलनामे में पुलिस को दी जानकारी
उसने बताया कि 14 मई की शाम में वह शाम को खेत से बकरी लेकर आयी। घर के सभी लोग मकई फसल तैयार करने में खेत चले गये थे। घर में बच्ची को अकेला पाकर उसने अपने दो दोस्त के साथ मिलकर पहले बच्ची के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। बच्ची की हालत गंभीर होने से तीनों काफी डर गये। इसके बाद पकड़ाये जाने के डर से अपनी चचेरी बहन की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद बोरे में उसकी लाश बंदकर फेंक दिया। इस घटनाक्रम सुनकर मृतका के परिजन समेत ग्रामीण दंग रह गये। ग्रामीणों ने पुलिस से तीनों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।


नशा बना रहा नाबालिकों को हत्यारा
ग्रामीणों ने बताया कि औरलाहा और आसपास के गांव के कम उम्र के लड़का अपना ध्यान किताबों में नहीं नशे में लगाते हैं। सनफीक्स, डेंडराइट जैसे नशे के वह लोग इस कदर आदि हो चुके कि नशे में कोई भी अपराध को अंजाम देने के लिए तैयार रहते हैं। आशंका है कि 14 मई को भी यही हुआ होगा शाम को तीनों लड़के नशा कर घर लौटे थे कि उनकी नजर मासूम बच्ची पर पड़ी। नशे इस तरह अंधे हो चुके थे कि अपनी बहन को ही दरिंदगी का शिकार बना लिया। ग्रामीणों का कहना है इस तरह गांव के आधे से अधिक कम उम्र के लड़के खुलेआम नशा करते हैं। दुकानों में खुले नशा की चीजें बिक रही है। आसानी से इनलोगों को यह नशा उपलब्ध हो जाता है और यह लोग रोजाना नशा करते हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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