मानसून में देरी और भीषण गर्मी से परेशान लोग अब टोटकों का सहारा ले रहे हैं। अभी तक बुंदेलखंड के गांवों में बारिश के लिए जिस तरह से मेंढक और मेंढकी की शादी कराई जाती रही है, उसी तरह का वाराणसी में भी कराई गई। इंद्र देवता को खुश करने और बारिश के लिए वाराणसी में मेंढक और मेंढकी की शादी कराई गई। इसका आयोजन मंगलवार को अर्दली बाजार में शिवसेना नेता अऱुण चौबे ने किया।

अरुण चौबे का कहना है कि यूपी में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोग त्राहि माम त्राहि माम कर रहे हैं। तापमान लगातार 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हर व्यक्ति भीषण गर्मी से परेशान है। किसान से लेकर मजदूर और कामगार से लेकर रिक्शा चालक तक गर्मी से बेहाल हैं। गर्मी के कारण ही बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।

इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए हम लोगों ने पुरानी परंपरा के अनुसार मेंढक मेंढकी की शादी कराई गई है। पूरे विधि विधान से दोनों की शादी कराई गई ताकि इंद्र देव के साथ ही बाबा विश्वनाथ और हनुमान जी भी प्रसन्न हों और झमाझम बारिश हो। शादी कराते हुए भगवान से गुजारिश की गई कि वह तत्काल बारिश कराएं ताकि किसानों के साथ ही आम लोगों को राहत मिल सके।

बुंदेलखंड में माना जाता है शुभ, प्रकृति को खुश करने के लिए करते हैं आयोजन

बुंदेलखंड में मेंढक-मेंढकी की शादी का रिवाज है। ऐसा अक्सर गर्मियों के दौरान किया जाता है। बुंदेलखंड के बांदा सहित अन्य जिलों में गर्मी आते ही मेढक-मेढकी की शादी के आयोजन धूमधाम से कराए जाने की शुरुआत हो जाती है। शादी कराने के लिये मेंढक को वर व मेंढकी को वधू पक्ष बनाया जाता है। बुंदलेखंड में भी इस प्रथा को लोग प्रकृति के लिए शुभ मानते हैं।

बुंदेलखंड में मान्यता है कि ऐसा करने से बारिश होने लगती है. इसीलिए लोग न सिर्फ असली मेंढक-मेंढकी को पकड़ उनकी शादी कराते हैं। उनके फेरे कराते हैं, बल्कि बैंड बाजे की धुन पर नाचते भी हैं। ऐसी शादियों को गांव के लोग अंधविश्वास नहीं मानते। गांव के लोग इसे प्रकृति के करीब मानते हैं। लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बारिश होगी और वह खेती कर सकेंगे।

शादी का नया जोड़ा पहनाते हैं लोग

शादी के लिए दोनों अलग-अलग गांव या अलग मोहल्ले के लोग होते हैं। मेंढकी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। मेंढकी को हल्दी चावल लगाकर स्नान कराया जाता है। उसे लाल चुनरी ओढ़ाई जाती है। दुल्हा बने मेंढक को हल्दी और उबटन लगाया जाता है। उसे स्नान कराया जाता है। मेंढकी की आंखों में काजल लगाकर शादी का नया जोड़ा भी पहनाया जाता है। मेढक के सिर पर मोर मुकुट भी लगाया जाता है। इसके साथ ही मेंढकी को हल्दी चावल लगाकर स्नान कराया जाता है।

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By न्यूज़ डेस्क

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