नवादा के चार केंद्रों पर इंटरमीडिएट परीक्षा के उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के दौरान कुछ छात्रों के ऐसे अजब-गजब जबाव रहे कि मूल्यांकन कार्य में लगे मूल्यांकनकर्ता जबाव पढ़कर लोटपोट होते रहे। हंसी मजाक के दौर में भी लोगों के जुबान पर इन बच्चों द्वारा दिए गए अजब-गजब जवाबों की चर्चा है।
मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक बताते हैं कि लगभग हर उत्तरपुस्तिका में कोरोना की वजह से पढ़ाई बाधित होने का जिक्र किया गया है। ज्यादातर छात्रों ने फेल नहीं करने के लिए अपने कॉपी में आग्रह किया है। वहीं, कई ने बीमार रहने, कोरोना संक्रमित होने की वजह से पढ़ाई नहीं कर पाने तथा अपना बेटा-बेटी समझकर नम्बर देने की अपील की है। कुछ की कॉपियां तो ऐसी भी मिलीं जिसमें जबाव देने की जगह प्रश्न को ही कई बार लिखा गया है।

कुछ परीक्षार्थियों ने कॉपी पर मोबाइल नम्बर लिखकर नम्बर देने की अपील की और सम्पर्क करने का अनुरोध किया। तो किसी ने शादी न टूटे इसके लिए की पास कर देने की गुहार लगाई। एक ने लिखा की 26 मई को शादी होनी है। अगर फेल हो जाएंगे तो पता नहीं क्या होगा।
भक्ति आंदोलन के सवाल के जवाब में
सेवा में, श्रीमान
विषय- भक्ति आंदोलन के संबंध में।
महाशय, सविनय निवेदन यह है कि हम बजरंगबली के भक्त हैं। मुझे भक्ति करने के लिए दिनांक 5 फरवरी से 10 फरवरी तक छुट्टी देने का प्रयास करें।
परीक्षार्थियों ने ऐसे अनुरोध भी किए
सर, आपसे आवेदन है। ठीक से नहीं लिख पाए हैं। बुखार था। सर बेटी समझकर अच्छे नम्बर दीजिएगा। सर आपको प्रणाम करते हैं। जैसे आपकी बेटी है, वैसे ही हम भी आपकी बेटी हैं। सर बहुत गरीब परिवार से हूं आपकी बेटी होगी तो जरूर समझिएगा।


