वकील साहब! देख लिए न, आज भी वह नहीं आई। मेरी अंतिम गवाही कोर्ट में चल कर करा दीजिए। अब हम नहीं बचेंगे…। क्यों मजाक कर रहे हो? हम मजाक नहीं कर रहे हैं, जहर खा लिए हैं। मुझे चक्कर आ रहा है। जीभ देखिए…। ग्रेजुएशन के छात्र सावन कुमार ने अपने वकील दिनेश पाठक के सामने सोमवार दोपहर 12:30 बजे कुछ इसी तरह से कहते हुए अपनी जीभ दिखाई। काला धब्बा देख स्थिति समझते देर नहीं लगी। इसके बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि, अभी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
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उन्होंने अधिवक्ता विजय कुमार और अन्य वकीलों की मदद से सावन को लेकर सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। स्थिति बिगड़ने के बाद SKMCH में भर्ती कराया गया है। पाठक का कहना है, ‘सावन कुमार RDS कॉलेज का छात्र है। उसके खिलाफ किशोरी ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। वह छह माह तक जेल में बंद रहा। जमानत पर अभी बाहर है। अभी केस गवाही में हो रही है। हालांकि, अब तक किसी की गवाही नहीं हुई है। कोरोना को लेकर न्यायिक कार्य बाधित है।’
उनका कहना है, ‘पिछले दो-ढाई सालों में जहां तक हम समझे हैं, वह लड़का कुछ कमजोर दिमाग का है। जिस लड़की ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया, उससे वह एकतरफा प्यार करता है। सावन के मन में यह बैठा हुआ है कि वह लड़की कोर्ट में जब बयान देने आएगी तो केस से मुक्त हो जाएगा। हालांकि, यह उसका वहम हो सकता है।’

SKMCH के इमरजेंसी वार्ड में है भर्ती
जहर खाने के बाद सावन SKMCH के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। सूचना मिलने पर परिवार और रिश्तेदार SKMCH पहुंचे। सावन ने कहा, ‘मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। जेल से बाहर आने के बाद कई तारीख पर कोर्ट में हाजिर हुआ, लेकिन मुद्दई पक्ष एक भी तारीख पर कोर्ट में नहीं पहुंचा। मानसिक रूप से प्रताड़ित हो गया हूं। केस के कारण पढ़ाई भी बाधित हो गई। बार-बार परेशान होने से अच्छा है, जीवन ही समाप्त कर लें।’ बता दें, जहर खाने से पहले उसने इस घटना के बारे में (जहर खाने का) सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया था। पिता का कहना है कि सावन की हालत स्थिर है। डॉक्टर ने भोजन के लिए मना किया है।
हर तारीख पर निश्चित पहुंचता है आरोपी
वकील ने बताया, ‘अब तक किसी की गवाही नहीं हुई है, लेकिन हर तारीख पर सावन निश्चित पहुंचता है। सोमवार को मेरे कोर्ट पहुंचने से पहले वह आ चुका था। सुबह 11:30 बजे मुलाकात हुई तो बोला कि आपके जूनियर ने पैरवी कर दिया है। कुछ काम निपटा कर हम पॉक्सो कोर्ट में गए। अपनी सीट पर बैठे थे। कुछ देर बाद वह आया। थोड़ा विचलित था। बोला- वकील साहब आज भी वह नहीं आई। हम बोले कि तुम अभियुक्त हो, इसलिए तुमको हर डेट पर आना है। लड़की ने केस किया है, इसलिए उसको आना जरूरी नहीं है। सदर अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसके पिताजी के आने के बाद उनके हवाले कर दिए।’
ट्यूशन से लौटते समय पकड़ा था छात्रा का हाथ
सकरा थाने में 2 जुलाई 2018 को आरोपी पर 17 वर्षीय छात्रा की मां ने FIR दर्ज कराई थी। FIR में बताया था कि ट्यूशन जाने के दौरान आरोपित दो माह से पुत्री को तंग करता है। समझाने पर भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। दो जुलाई को ट्यूशन से लौटने के दौरान उसने छात्रा का हाथ पकड़ा और गलत हरकत करने लगा। लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा। उस पर छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई। छह माह तक जेल में रहने के बाद उसे बेल पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ 24 अगस्त 2018 को चार्जशीट दाखिल की थी।
