डिजिटल इंडिया प्रोग्राम से अब बिहार में लोकसेवा का अधिकार के तहत बनने वाले जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न तो अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही कार्यालयों के। अब घर बैठे ही प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। डिजिटल दौड़ में अब लाभुकों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा सर्विसेज प्लस नामक वेबसाइट आ चूका है। इसके माध्यम से लाभुक अपना यूजर आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर स्वयं और परिवार के अन्य सदस्यों के जाति, आय एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
घर बैठे भी कर सकेंगे आवेदन, आॅफलाइन की भी दी गई सुविधा, छात्र-छात्राओं और गांव के लोगों को अधिकारियों का चक्कर लगाने से मिली मुक्ति एवं संबंधित दस्तावेजों के आधार पर सर्विसेज प्लस सॉफ्टवेयर की मदद से लाभुकों की ऑनलाइन इंट्री की जाएगी। लाभुक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी जांचोपरांत प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी जारी करेंगे। निर्धारित अवधि के अंदर लाभुक काउंटर से अपना प्रमाण पत्र ले सकते हैं।

पहले प्रमाण पत्र बनवाने में होती थी दिक्कत
पहले लोगों को जाति,आय, क्रिमिलेयर, निवास आदि प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रखंड व अंचल कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता था। लोग मैनुअल आवेदन लेकर अंचल कार्यालय में जमा करते थे। इसके साथ ही आवेदन जमा करने के कई दिनों के बाद तक जांच का बहाना बनाकर अंचल कर्मी लोगों को दौड़ाते रहते थे। कार्यालय में जब लोग अपने प्रमाण पत्र के लिए जाते तो कभी अधिकारी नहीं तो कभी प्रमाण पत्र देने वाला कर्मी छ़ुट्टी पर है, का बहाना होता था। इससे समय पर किसी को भी प्रमाण पत्र नही मिल पाता था। अब डिजिटल इंडिया के तहत सभी को घर से आवेदन करने के बाद पदाधिकारी का डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र ऑनलाइन निकालने की सुविधा मिलेगी।
Click to apply : serviceonline
प्रमाण पत्रों पर रहेंगे डिजिटल हस्ताक्षर
सदर सीओ ने बताया कि लाभुक द्वारा आवेदन करने के बाद अंचल कार्यालय स्थित राजस्व कर्मचारी को लाभुक द्वारा अपलोड दस्तावेजों की मदद से ऑनलाइन रिपोर्ट सबमिट करनी पड़ेगी। इसके आधार पर अंचलाधिकारी के द्वारा अंतिम मंजूरी देते हुए लाभ के प्रमाण पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करते हुए प्रमाण पत्र लाभुक के यूजर आईडी पर प्रेषित किया जाएगा। निर्धारित अवधि के अंदर लाभुकों अपना प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाएगा। इसे वह सीधे अपने मोबाइल फोन अथवा कंप्यूटर में डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकते हैं। लाभुक इस डिजिटल कॉपी का भी उपयोग विभिन्न ऑनलाइन आवेदन प्रपत्र को भरने में उपयोग में ला सकते हैं।


