पटना : पटना हाईकोर्ट ने डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन का 18 महीने का कोर्स करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। इन्हें पंचायत शिक्षकों की नियुक्ति में शरीक होने के लिए फॉर्म भरने को 30 दिन का समय दिया है। इनकी संख्या 2.5 लाख के करीब है। न्यायाधीश प्रभात कुमार झा ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया।
Total Downloads: 172
इन डिप्लोमाधारियों को राज्य सरकार ने पंचायत शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में शामिल होने से रोक दिया था। संजय कुमार यादव एवं अन्य की ओर से दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ कहा कि 18 महीने का कोर्स करने वाले भी इसके समतुल्य होंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरि ने कहा कि जुलाई 2019 से हो रही प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के शिक्षकों की प्रक्रिया राज्य सरकार चला रही है।

राज्य सरकार ने इन याचिकाकर्ताओं को आवेदन देने से रोक दिया था। जुलाई 2019 में प्राथमिक शिक्षक नियोजन हेतु 18 महीने के डीएलएड कोर्स को मान्यता देने हेतु एनसीटीई से सफाई मांगी गई थी। एनसीटीई ने 18 महीने के डीएलएड कोर्स को आंशिक मान्यता दी थी। परिणामस्वरूप शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने एक आदेश जारी करते हुए 18 महीने के डीएलएड डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को शिक्षक नियोजन में आवेदन देने पर रोक लगाने का निर्देश दिया था । ऐसे आदेश को हाईकोर्ट ने मंगलवार को इसी मामले में निरस्त कर दिया ।

राज्य सरकार ने जवाब देने के लिए मांगा है और समय : राज्य के पुलिस थानों में केस डायरी को डिजिटल बनाये जाने के मामले पर पटना हाईकोर्ट में छह फरवरी तक सुनवाई टल गई है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश डा.अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ में इस मामले की सुनवाई मंगलवार को निर्धारित थी। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में जवाब देने के लिए और समय मांगा गया। एक लोकहित याचिका में पूरे पुलिस थानों को कम्प्यूटराइज्ड करने एवं केस डायरी और पुलिस्टेशन में दर्ज होने वाली तमाम सूचनाओं को कम्प्यूटर में रिकॉर्ड करने की मांग की गई है।

