पटना। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने मुख्य घटक हैं। अभी राज्य में 3 लाख 88 हजार 607 शिक्षक कार्यरत हैं। स्वीकृत पदों और नियुक्त शिक्षकों के बीच 42754 अंशकालिक शिक्षकों सहित दो लाख 46 हजार 688 का फासला है। अतिरिक्त शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। कार्यरत शिक्षकों के लिहाज से छात्र शिक्षक अनुपात 50:1 है, जबकि स्वीकृत शिक्षक पदों के अनुसार 30:1 है।
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वर्ष 2018-19 में 21286 प्राथमिक विद्यालय खोले गये हैं, जबकि 19638 प्राथमिक विद्यालयों को सर्वशिक्षा अभियान के तहत मध्य विद्यालय में उत्क्रमित किया गया है। 1106 मध्य विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अपग्रेड किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2018-19 में कुल 5589.82 करोड़ का व्यय हुआ जो आवंटित रकम का 82 फीसदी है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत मुख्यमंत्री पोशाक योजना में 2018-19 में 730.84 करोड़ रुपए से 77.4 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

राज्य में वर्ष 2014 में जहां सभी प्रकार के विश्वविद्यालय और इसके समकक्ष उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या 22 थी, वह 2018 में बढ़कर 33 हो गयी है। अब प्रदेश में 4 केन्द्रीय विश्वविद्यालय, 17 सार्वजनिक राजकीय विश्वविद्यालय, 5 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, राज्यपोषित एक मुक्त विवि, राज्य के अधीन एक संस्थान, डिम्ड विवि एक और राजकीय प्राइवेट विवि चार काम कर रहे हैं।
राज्य में प्रारंभिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा पर 2013-14 में व्यय 14946 करोड़ रुपए से 2018-19 में बढ़कर 30736 करोड़ रुपए हो गया है। इस अवधि में शिक्षा पर कुल व्यय की वृद्धि दर 13.6 प्रतिशत रही है। कुल व्यय में शिक्षा व्यय के हिस्से की बात करें तो वह 2013-14 में 18.6 प्रतिशत से बढ़कर 2018-19 में 20.1 प्रतिशत हो गया।

