बिहार में कोरोना संक्रमण के साथ ही बाढ़ ने आम लोगों के जीवन को मुसिबत में डाल रखा है. सूबे के कई जिले भीषण तरीके से प्रभावित हां चुके हैं.वहीं सोमवार को पूरे प्रदेश में सामान्य से भारी बारिश के आसार हैं. खास तौर पर उत्तरी बिहार के अधिकतर इलाकों और दक्षिणी बिहार के कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका है. मध्य बिहार में भी एक दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है. आइएमडी पटना के मुताबिक ऐसी स्थिति अगले 48 घंटे तक भी बनी रह सकती है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बिहार में मॉनसून को फिर सक्रिय करने के पीछे देश के पूर्वी हिस्से में बन रहे निम्न और कम दबाव के केंद्र काम कर रहे हैं. वर्तमान में मॉनसून की अक्षीय रेखा डायमंड हार्बर से झारखंड तक आ रही है. असम और बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का केंद्र सक्रिय हो गया है. इसकी वजह से बारिश और ठनका गिरने की आशंका है.

राज्य में विभिन्न नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है

राज्य में विभिन्न नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. गंगा, कोसी, गंडक से लेकर अन्य नदियों में पानी छोड़े जाने से लगातार जल स्तर पर में वृद्धि हो रही है. रविवार को सूचना एवं जन संपर्क विभाग की ओर से विज्ञप्ति जारी कर कोरोना, बाढ़ की स्थिति व इस दौरान राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी गयी. सूचना एवं जन संपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना की जांच में तेजी से वृद्धि हो रही है. अब प्रतिदिन एक लाख से अधिक कोरोना की टेस्टिंग हो रही है.

कई इलाकों में हुई बारिश

पटना सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई. सबसे ज्यादा बारिश बक्सर, कटिहार, नालंदा और मुंगेर में दर्ज हुई है. प्रदेश में सर्वाधिक तापमान गया और भागलपुर में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले करीब दस दिन से प्रदेश में कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गयी है. इस वजह से प्रदेश में अब तक सामान्य से अधिक बारिश का आंकड़ा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है.

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By न्यूज़ डेस्क

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