उत्क्रमित हाईस्कूल व प्लस टू में शिक्षकों की भारी कमी है। 19 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव हम कैबिनेट में भेज रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही नियुक्ति शुरू हो जाएगी। इसके अलावा भी रिक्तियों की समीक्षा करेंगे। सभी रिक्त पद जल्द भरे जायेंगे।. बिहार के माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में होंगी नयी नियुक्तियां, विज्ञान और गणित के शिक्षक विद्यालयों में बहुत कम
बिहार के माध्यमिक-उच्च माध्यमिक (हाईस्कूल व प्लसटू) स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर नयी नियुक्तियां होंगी। ये नियुक्तियां पांचवें चरण के शिक्षक नियोजन से इतर और वर्तमान की कुल रिक्तियों के आधार पर होंगी। शिक्षा विभाग नियुक्ति की कवायद में जुट गया है। गौरतलब हो कि राज्य के सरकारी हाईस्कूलों व प्लसटू में शिक्षकों की भारी कमी है।

खासकर विज्ञान और गणित के शिक्षकों के अभाव में कक्षाएं बाधित हैं। पिछले डेढ़ साल से शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह बंद थी। 31 अक्टूबर 2017 को शिक्षकों के समान वेतन मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश से नियोजन के प्रमुख प्रावधान स्थगित हो गये थे, जिससे सरकार ने भी शिक्षकों की नियुक्ति से अपने हाथ खींच लिये थे।
अब 10 मई को जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित कर दिया तब जाकर पाचवें चरण की नियुक्ति की कवायद शुरू हो सकी है। इसके तहत 14 से 29 जून तक 2016 के नियोजन में आवेदन करने वाले चयनित अभ्यर्थियों को ही नियोजन का मौका मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने इस नियोजन के आगे जाकर बड़े पैमाने पर हाईस्कूल व प्लसटू में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो फिलहाल करीब 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव बनकर तैयार है।
राज्य मंत्रिमंडल की इसपर मुहर लग गयी तो जुलाई में नियुक्ति की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। यह नियुक्ति हाईस्कूल व प्लसटू में 2015 के बाद की रिक्ति के विरुद्ध होगी। एक अधिकारी ने बताया कि विभाग को जिलों से रिक्ति मंगानी भी नहीं पड़ेगी, क्योंकि यू-डायस के माध्यम से हमें पता है कि कितने शिक्षक कार्यरत हैं।

उम्मीद की जा सकती है कि पांचवें चरण के तहत इस माह और नयी नियुक्तियों के तहत अगले माह बड़ी संख्या में शिक्षक विद्यालयों में पहुंच जायेंगे और इससे पठन-पाठन सुचारू हो सकेगा। .


