पटना: श्रम संसाधन विभाग ने निजी आइटीआइ की कमियों को दूर करने के लिए थर्ड पार्टी जांच कराने का निर्णय लिया है. इसके पूर्व विभाग ने सभी आइटीआइ प्रबंधक से सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट मांगी है. जिसके आधार पर थर्ड पार्टी जांच होगी. साथ ही राज्यवार इनकी ग्रेडिंग होगी और जिनकी ग्रेडिंग सबसे नीचे होगी. उनकी मान्यता रद्द करने की भी अनुशंसा की जायेगी. यह निर्णय विभागीय समीक्षा में निजी आइटीआइ में मिली कमियों के बाद लिया गया है.

बार-बार निर्देश के बाद भी नहीं हो रहा है सुधार

विभाग के बार-बार निर्देश देने के बाद भी आइटीआइ में सुधार नहीं हो रहा है. इसलिए प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को कैसी सुविधा मिल रही है, इसकी जांच के लिए केंद्र ने सभी संस्थानों से ब्योरा मांगा है. सभी संस्थानों को खुद ही (सेल्फ एसेशमेंट कर) अपने यहां की बुनियादी सुविधाओं की जानकारी देनी है. इसी आधार पर आइटीआइ की जांच होगी.

1100 के करीब है निजी आइटीआइ

सभी आइटीआइ की जांच थर्ड पार्टी एजेंसी से करायी जाये. जांच के लिए जिलावार एजेंसी तय की जायेगी. एजेंसी यह देखेगी कि जिस आइटीआइ ने अपने यहां उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी है. उस आइटीआइ के पास है या यूं ही कागजों पर केवल दर्ज कर भेजा गया है. संस्थानों की ओर से दिये गये ब्योरा व जांच में अंतर पाये जाने पर उसकी मान्यता रद्द की जायेगी.

इन बिंदुओं पर होगी जांच

जांच में यह देखा जायेगा कि आइटीआइ के पास भवन है या नहीं. छात्रों की संख्या के अनुसार कमरे हैं या नहीं. प्रशिक्षण ले रहे छात्रों के अनुसार प्रयोगशाला की क्या व्यवस्था है. मानक के अनुसार सभी सुविधाएं हैं या नहीं. संस्थान कब से चल रहे हैं और अगर बुनियादी सुविधाएं नहीं है, तो वह इतने वर्षों तक वह कैसे प्रशिक्षण दे रही है. सभी पहलुओं पर इनकी ग्रेडिंग तय होगी. ग्रेडिंग के अनुसार सरकार इनको बुनियादी सुविधाएं बहाल करने का मौका देगा और तय समय में काम नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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By न्यूज़ डेस्क

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