राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न शहरों में प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पेड़ों के कटान पर रोक लगा दी है। यह रोक सभी सरकारी योजनाओं पर प्रभावी होगी। .

पेड़ कटान की पूर्व में दी गई अनुमति भी निरस्त कर दी गई हैं। अब पेड़ों को काटने की जगह उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने पर जोर है। पेड़ों को बचाते हुए प्रोजेक्ट डिजाइन किए जाएंगे। यह अलग बात है कि राज्य में अभी निजी लोगों द्वारा पेड़ काटने को लेकर कोई रोक नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि राज्य के हरित आवरण में वृद्धि हो। मगर कंक्रीट का जंगल बढ़ने के कारण पटना देश ही नहीं दुनिया के प्रदूषित शहरों में शुमार हो गया है। .

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों संग बैठक में पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर आदि शहरों में बेतहाशा बढ़ते प्रदूषण का हवाला देते हुए पेड़ों का कटान रोकने के आदेश दिए थे। सड़क निर्माण के वक्त किनारे के पेड़ों को न काटने को कहा गया। पेड़ों की जड़ों में कंक्रीट भर देने पर भी नाराजगी जताई थी। राज्य में अभी कोई ट्री प्रोटेक्शन एक्ट नहीं है। यही कारण है कि निजी लोग अंधाधुंध कटाई करते हैं। .

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *