पटना में मेट्रो रेल दौड़ाने की परियोजना को अब पंख लगते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को पटना में मेट्रो संचालन के लिए एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) गठन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। इसी के साथ पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) नामक कंपनी अस्तित्व में आ गई। अधिसूचना जारी होते ही यह एसपीवी काम शुरू कर देगी। कंपनी की अधिकृत पूंजी अभी दो हजार करोड़ रखी गई है।
वहीं इसके बाइलॉज को भी मंजूरी दे दी गई है। राजधानी में मेट्रो संचालन राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी संशोधित डीपीआर राइट्स नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप चुकी है। मेट्रो के निर्माण, संचालन और रखरखाव संबंधी कार्य के लिए गठित एसपीवी के ड्राफ्ट को कैबिनेट ने मुहर लगा दी। इससे मेट्रो के काम को अब गति मिलेगी। एसपीवी में चेयरमैन, प्रबंध निदेशक के अलावा नगर विकास एवं आवास, वित्त, ऊर्जा, परिवहन और पथ निर्माण के प्रधान सचिव, सचिव या उनके द्वारा नामित अधिकारी निदेशक मंडल में शामिल होंगे। केंद्र से डीपीआर की मंजूरी के बाद इसमें बदलाव आएगा। तब चेयरमैन केंद्र का और एमडी राज्य सरकार का होगा। निदेशक बराबर होंगे। अब एसपीवी का अलग कार्यालय स्थापित होगा और इसका कंपनी एक्ट के तहत पंजीकरण कराया जाएगा। तकनीकी स्टाफ की भी बहाली की जाएगी।

नगर विकास के होंगे 4940 शेयर
पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड की अधिकृत पूंजी बाद में बढ़ाई जाएगी। कंपनी के अभी पांच हजार शेयर जारी किए जाएंगे। इनमें अधिकांश हिस्सेदारी नगर विकास एवं आवास विभाग की होगी। पांच हजार में से 4940 शेयर इसी विभाग के होंगे। जबकि वित्त, परिवहन, पथ निर्माण, ऊर्जा, योजना एवं विकास विभाग के साथ प्रमंडलीय आयुक्त के पास कंपनी के 10-10 शेयर रहेंगे।


