भागलपुर : अलीगंज में छात्र पर हुए तेजाब हमले की जांच लगातार उलझती जा रही है। पीड़िता और परिजन के लगातार विरोधाभाषी बयान के कारण पुलिस किसी परिणाम पर नहीं पहुंच पा रही है। पुलिस को इस मामले में जेल भेजे गए पड़ोसी प्रिंस भगत और गंगटी के राजा यादव के खिलाफ सुबूत जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। उन लोगों की इस मामले में भूमिका किसी भी बयान से स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ऐसे में आरोपितों के परिजन ने भी पुलिस की जांच पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस को अब फोरेंसिंक और डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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सात मई 2019 : वाराणसी के समयन अस्पताल में छात्र के हुए 164 के बयान में प्रिंस और राजा की भूमिका स्पष्ट नहीं है। बयान में कई विरोधाभाषी बातें सामने आई हैं। छात्र का कहना है कि प्रिंस आगे से और तीन नकाबपोश प्रिंस के छत के रास्ते घर में प्रवेश कर गए। तीनों मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे। उनमें से एक लड़के ने मां को पिस्टल सटा दिया। दो ने उसका दोनों हाथ पकड़ लिया जबकि एक ने उस पर तेजाब फेंक दिया। वहीं उसने बताया कि प्रिंस अपने घर के बाहर राजा, मनीष और रंजीत साह के साथ गांजा पीता है। तेजाब फेंकने के कारण किचन में आग लग गई। यह देख वे लोग भाग निकले। छात्र का कहना है कि उसकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है। हालांकि आरोपित उस पर भद्दे कमेंट करता था।

22 अप्रैल 2019 : वाराणसी के समयन अस्पताल में छात्र ने 161 के बयान में प्रिंस के इशारे तेजाब उड़ेले जाने की बात कही थी। पुलिस ने जब पीड़िता से बयान लिया तो उसने कहा था कि प्रिंस और राजा के अलावा अन्य नकाबपोश अपराधी घटना के दिन घर पहुंचे थे। एक ने उसका हाथ पकड़ा। दूसरे ने मां को कट्टा सटा दिया। जबकि प्रिंस के इशारे पर तीसरे ने उस पर तेजाब डाल दिया। यही बात उसकी मां का कहना था। लेकिन उन्होंने कहा था कि प्रिंस ने जब दरवाजा खोला तभी सभी अपराधी भाग निकले थे। इसी आधार पर और राजा यादव द्वारा पुलिस को मोबाइल सौंपने के कारण ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

19 अप्रैल 2019 : 19 अप्रैल की शाम को वारदात हुई थी। मामले की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पीड़ित छात्र के पिता ने प्रिंस पर तेजाब उड़ेलने का आरोप लगाया था। पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि घटना की जानकारी होने के बाद वे घर पहुंचे। वहां उनकी प}ी ने बताया कि तीन नकाबपोश घर में प्रवेश कर गए थे। उसमें से एक ने उसे कट्टा सटा दिया। जबकि प्रिंस ने बेटी पर तेजाब डाल दिया। जिसमें वह बुरी तरह घायल होकर अपने कमरे की तरफ भागी।
19 अप्रैल 2019 : एसिड हमले के बाद पीड़ित छात्र को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल ले जाया गया। छात्र की मां ने बताया कि तीन नकाबपोश घर में प्रवेश कर गए थे। कई बार पूछने पर उन्होंने तीनों को पहचानने से इन्कार किया था। वहीं, छात्र के घर के आसपास घटना के बाद किसी ने चिल्लाने की या मदद मांगने की आवाज भी नहीं सुनी थी। ऐसे में लगातार अलग अलग बयानों के बाद पुलिस पूरी तरह उलझ गई है। पुलिस की मानें तो मामला कुछ और ही इशारा कर रहा है। हर एंगल से जांच की जा रही है।

