बांका : मकर संक्रांति पर लगने वाले मंदार लोक मेले में देखते ही देखते भूत भगाने वाली पांच हजार छड़ियां बिक गई। इन्हें मुख्यत: 11 से 14 जनवरी तक मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पापहरणी सरोवर में स्नान करने पहुंचे भक्तों ने खरीदी हैं। भूत भगाने वाली बेंत की ये छड़ियां उड़ीसा के जंगलों से मंगाई गई थीं। उन्हें पटना के कुछ व्यापारियों के माध्यम से मंदार मेले में पहुंचाई गई थीं।

मंदार में मौजूद अधिकांश दुकानदारों के पास जनवरी पहले सप्ताह से ही यह छड़ी पहुंच चुकी थी। नाश्ता-पानी की दुकानों से लेकर खिलौने तक की दुकानों पर भी डेढ़ हाथ लंबी बेंत की छड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध थी। तारापुर के एक दुकानदार ने बताया कि आदिवासी लोग पूजा-अराधना व झाड़-फूंक में इसका प्रयोग करते हैं। मेला प्रारंभ होने से अबतक मंदार व उसके आसपास की दो दर्जन से अधिक दुकानों से 5000 से अधिक छड़ियां बिक चुकी हैं। प्रति छड़ी की कीमत 80 रुपये है। इससे दुकानदारों को चार लाख से अधिक की आय प्राप्त हुई है।

पूजा पाठ, झाड़-फूंक में गुरु करते हैं इसका प्रयोग

मेला पहुंचने वाली सफा अनुयायियों की हर टोली के गुरु ने कम से कम एक छड़ी अवश्य खरीदी। पाकुड़ के रमेश सोरेन, अमड़ापाड़ा के मुनीलाल हेम्ब्रम, बाबूराम मुर्मू आदि ने बताया कि इस पवित्र छड़ी से उनकी वर्षों से आस्था बनी हुई है। वे पूजा पाठ में इसका प्रयोग करते हैं। मकर संक्रांति के दिन मंदार के पापहरणी सरोवर में स्नान के बाद सबसे पहले इस नई छड़ी की पूजा करते हैं। उसके बाद वे उसे घर ले जाते हैं और वहां पूजा-पाठ, झाड़-फूंक व बुरी आत्मा के प्रकोप को कम करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं।

बिहार-झारखंड के अनेक गांवों में पहुंची छड़ी

पापहरणी स्नान को पहुंचे जानकारी के अनुसार, आदिवासियों के अलावा झाड़-फूंक करने वाले अन्य ओझा-गुनियों ने भी इसकी खरीदारी कीं। इससे यह छड़ी बिहार व झारखंड के कई गांवों में पहुंच चुकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ग्रामीण और खास कर वनवासी इलाके में धार्मिक स्थलों पर झाड़-फूंक होती है। गुरु वहां बीमारी, भूत-प्रेत लगने या बुरी आत्माओं के प्रकोप आदि को कम करने के लिए इस छड़ी का प्रयोग करते हैं।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *