एनआईओएस (दे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग) से 12वीं कर रहा तौकिर दो साल से तिलकामांझी में रह रहा था। उसके दोस्त आलोक के अनुसार, तौकिर मिरजानहाट की एक लड़की से प्यार करता था। वह अक्सर लड़की के घर पर ही रहता था। लड़की का भाई भी इस बात को जानता था। 17 जनवरी को लड़की की सगाई हो गई तो तौकिर डिप्रेशन में चला गया। उसने सिगरेट पीना शुरू कर दिया। आलम यह रहा कि वह चेन स्मोकर हो गया था। पुलिस ने उसके कमरे से कई अधजले सिगरेट बरामद किए। आलोक ने पुलिस को बताया कि वह पहले तौकिर का रूम पार्टनर था। उस समय भी वह उक्त लड़की से काफी बात करता था। मेरे समझाने के बाद भी उसने लड़की से दूरी नहीं बनाई तो मैं अलग रहने लगा। इधर, परिजनों ने खगड़िया से भागलपुर पहुंचने के साथ ही चार सवाल उठाए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए तो पुलिस ने चारों बिंदुओं पर अपनी जांच शुरू कर दी।
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वहाट्सएप का स्टेटस पर लिखा-दिल टूटा नहीं तोड़वाया गया है
तौकिर की आत्महत्या के बाद बिलखते उसके नाना।
तौकिर किसे भेजता था पैसे, मिला बैंक का फार्म : पुलिस को तौकिर के कमरे से एक बैंक का फार्म मिला है। इसमें किसी मयंक को पैसे भेजने का जिक्र है। मयंक को तौकिर पैसे क्यों भेजता था, इसकी पुलिस जांच कर रही है। परिजनों को शक है कि तौकिर को कोई ब्लैकमेल तो नहीं कर रहा था।


गांव में छाया मातम, घर में मची चीख पुकार
मो. तौकिर हसन की आत्महत्या करने की खबर पहुंचते ही उसके गांव खगड़िया के बेलदौर के चोढ़ली में मातम छा गया। घटना की जानकारी पाकर गांव के लोग उसके घर पर पहुंचने लगे। तौकीर की मां का बुरा हाल था। छोटा भाई भी बदहवास हो रहा था। ग्रामीणों के पहुंचने पर माहौल और गमगीन हो गया। पिता मो. तनवीर भागलपुर के लिए चल पड़े और मां कभी अपना सिर पीटती तो कभी ग्रामीणों से कहने लगती थीं- हय की होए गेलै… ओकरा पढ़ै ले ली भागलपुर भेजलो रहियै, की पता रहै कि नै लौटते…। उसके घर पर पहुंची गांव की महिलाएं कभी उसकी मां को ढांढस बंधातीं तो कभी समझाते-समझाते खुद भी रो पड़ती थीं। घरवालों ने बेटी को भी सूचना दी।
आत्महत्या का लग रहा मामला
लड़की का भाई आया और लाश देख कर चला गया : दोस्तों ने बताया कि तौकिर के आत्महत्या की जानकारी पाकर लड़की का भाई भी कमरे में आया था। लड़की भाई तौकिर का दोस्त भी था। कुछ देर तक लड़की का भाई वहां रहा और पुलिस के आने से पहले ही चला। फिर जब परिजन आए तो लड़की के भाई को फोन कर बुलाया गया। उसने बताया कि बहन के छेका में तौकिर भी साथ था।

परिजनों ने उठाए ये सवाल
1. चौकी से सटा था पैर, फिर आत्महत्या कैसे : परिजनों ने पुलिस के समक्ष यह सवाल उठाया है कि तौकिर का पैर चौकी से सटा हुआ था तो फिर आत्महत्या कैसे कर रहा सकता है। कमरे का सारा सामान कैसे अस्त-व्यस्त हो गया।
2. कमरे में नहीं थी कुर्सी, फिर कैसे बांधा फंदा : परिजनों ने बताया कि कमरे में सिर्फ ढाई फीट ऊंची चौकी को थी। जिस पढ़ कर फंदा नहीं बांधा जा सकता है। फिर तौकिर ने कैसे फंदा बांधा होगा। जबकि छत की ऊंचाई करीब 10 फीट थी। लाश उतारने के समय चौकी पर कुर्सी लगा कर फंदा खोला गया।
3. मोबाइल और लाल डायरी कहां गई : तौकिर के कान में हेड फोन लगा था। यानी वह बात कर रहा था। लेकिन उसका मोबाइल गायब है। एक लाल डायरी में तौकिर अपना रोजनाचा लिखता था। वह डायरी भी गायब है। पुलिस तौकिर के गायब मोबाइल का सीडीआर निकालेगी।
4. पुलिस के आने से पहले क्यों तोड़ा गया दरवाजा : परिजनों ने तौकिर के दोस्तों पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि घर के सामने तिलकामांझी थाना है। फिर भी पुलिस को दरवाजा तोड़ने से पहले सूचना क्यों नहीं दी गई। पुलिस के आने से पहले कमरे का दरवाजा क्यों तोड़ा गया।

