कोरोना संकट के कारण कई शादियां फिलहाल रुक गयी हैं। अधिकांश लोगों ने अपनी शादी जून तक के लिए टाल दी है। होटलों में अप्रैल व मई तक की शादियां की बुकिंग कैंसिल हो गयी है। शादी नहीं होने से ओटोमाबाइल, होटल, धर्मशाला, विवाह भवन, बैंड-बाजा व सोना-चांदी के कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।


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सीए प्रदीप झुनझुनवाला के मुताबिक शादी-विवाह के मौसम में ओटोमोबाइल सेक्टर, होटल, कैटरर, फूल, सोना-चांदी, ब्यूटी पार्लर आदि का लगभग तीन अरब का बाजार है। शादी टलने से इससे जुड़े लोग भी बेरोजगार हो गये हैं।

शादी की तिथि अभी तय नहीं:

कई परिवार में शादी की तैयारी पूरी हो चुकी थी लेकिन कोरोना के कारण सुरक्षा को देखते हुए शादी की तिथि टाल दी गयी है। भीखनपुर के कमरान हैदर ने कहा कि उनकी बहन की शादी 18 अप्रैल को होनी वाली थी जो अब टल गयी है। इशाकचक के राहुल कुमार ने बताया कि उनकी शादी 26 अप्रैल को थी। इसके लिए कचहरी चौक स्थित एक होटल भी बुक हो गया था। फिलहाल शादी की तिथि टल गयी है।

अप्रैल में गाड़ियों की बुकिंग टली:

शादी-विवाह के मौसम में गाड़ियों की बिक्री खूब होती है। इस कारण विक्रेताओं के द्वारा लगभग 400 से 500 गाड़ियां विभिन्न शोरूम में पहुंच चुकी थी। एक कंपनी के सेल्स मैनेजर राजेश कुमार राय ने बताया कि 15 अप्रैल से लगन शुरू है। इसीलिए कम से कम 250 गाड़ियों की बुकिंग थी जो लॉकडाउन के कारण फिलहाल ग्राहक नहीं ले पायेंगे। अप्रैल में 20 करोड़ का कारोबार होने की संभावना थी। उन्होंने बताया कि विभिन्न शोरूम में लगभग पांच सौ गाड़ियां पड़ी हैं। वहीं एक दो पहिया वाहन के जनरल मैनेजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अप्रैल में शादी की तिथि होने से लगभग 1200 गाड़ियां की बुकिंग थी जिसकी कीमत लगभग 10 करोड़ थी। जो अब फिलहाल नहीं बिक पायेगा। यहां दो हजार से अधिक मोटरसाइकिल पड़ी हुई है।

सोना-चांदी का एक अरब का कारोबार प्रभावित:

एक ब्रांडेड गोल्ड शोरूम के स्टोर मैनेजर अमित तिवारी ने बताया कि अप्रैल से जून तक जिनकी शादी होनी थी उसमें 50 प्रतिशत लोगों ने अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया है। इस तीन माह में ही सोना कारोबारी अपना 35 प्रतिशत का टारगेट पूरा कर लेते हैं। इस बार लॉकडाउन के कारण ऐसा नहीं होगा। यहां के व्यवसायियों का एक अरब के आसपास का कारोबार प्रभावित हो चुका है। अब उन्हें धनतेरस के बाजार पर निर्भर रहना पड़ेगा।

शहर में होटलों का कारोबार भी मंदा

कोरोना ने जहां शादियां की राह रोक दी है वहीं होटल-धर्मशालों का कारोबार को भी मंदा कर दिया है। होटल व्यवसायी राहुल चौहान ने बताया कि अप्रैल में रिंग सरोमनी की 11 व पांच शादियां की बुकिंग थी जो फिलहाल कैंसिल हो गयी है। जिनकी शादी कैंसिल हुई है उनका एडवांस रुपये जमा है। जब तिथि तय हो जाएगी तो एडवांस रुपया उसमें समायोजित हो जायेगा। एक होटल के मैनेजर शकील आजाद ने हिन्दू-मुस्लिम समाज की कई शादियां की बुकिंग कैंसिल हो गयी है। 15 से 30 अप्रैल तक चार शादी की बुकिंग थी।

रविवार को कोतवाली चौक स्थित बैंड पार्टी वाले के परिवार के निराश सदस्य।

भागलपुर। लॉकडाउन ने न सिर्फ लोगों से रोजगार छीन लिया है बल्कि महीनों से रोजगार का इंतजार कर रहे लोगों के हाथों से पैसा भी निकलने लगा है। अक्सर लगन के दौरान कोतवाली चौक पर बाजे की धुन सुनायी दे देती थी। मगर लॉकडाउन ने शादियों में बाजा बजाने वाले इन परिवार के सामने खाने की समस्या खड़ी कर दी है।

इन परिवारों का कहना है कि अगर एक लगन पूरा मिल जाता है तो फिर अगले लगन तक उसी पैसे से घर परिवार चलता है। कोतवाली चौक पर 14 परिवार के 100 के करीब सदस्य शादियों में बैंड के कारोबार से जुड़े हैं। मो. वसीर ने कहा कि शादियों में बैंड की संख्या के आधार पर राशि ली जाती है। 25 से लेकर 70 हजार तक एक रात के बैंड पर लोग खर्च करते हैं। बाजा बजाने वाले मो. फंटूस, मो. अख्तर बताते हैं कि यह पहली बार हुआ, जब ऑर्डर के पैसे को वापस करना पड़ा। मो. अख्तर और मास्टर वसीर बताते हैं कि पूरे 14 परिवार को 15 काम मिला था। हर घर के हिस्से कुछ न कुछ रुपए आते।

By न्यूज़ डेस्क

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