नाग और नागिन का इस कदर छाया खौफ कि महिला की मौत के बाद दो रातों से सोया नहीं परिवार, पूरे परिवार ने घर के आंगन में चले मौत के खेल को अपनी आंखों से देखा। घर की मुखिया परिवार को नाग और नागिन की कहर से बचाने के लिए अपनी जान पर खेल गयी तो परिवार के पांच सदस्यों ने घर में मंडरा रहे ‘काल’ का सामना छह घंटे तक किया।

शनिवार/रविवार की रात दो बजे घटी घटना के दहशत का अक्स सोमवार की रात तक दिखा। आलम यह कि दहशत के पल गुजरने के बावजूद दो रातों से परिवार का एक भी सदस्य सो नहीं सका।

नाग को हाथ में लपेटे आंगन में आ गयी मां
दरअसल मिरजानहाट वारसलीगंज स्थित हनुमान मंदिर से चंद कदम दूर स्थित क्लबगंज में शोभा देवी (70 वर्ष) अपने बेटे गंगा प्रसाद मंडल, बहू कंचन देवी, पौत्री शिवानी कुमारी, साक्षी कुमारी और पौत्र विष्णु कुमार के साथ रहती थी। कंचन देवी का पैर में फ्रैक्चर होने पर ऑपरेशन कराने के कारण आजकल बैशाखी के सहारे चल रही थी।

हाथों से फिसलकर लगातार दो बार डंसा
अलीगंज स्थित एक शोरूम में कैंटीन चलाने वाले गंगा प्रसाद के मुताबिक, घर में निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार की रात में मां रसोई घर के करीब सामने वाले कमरे में जमीन पर सोयी थी। जबकि वे रसोई घर के बगल वाले कमरे में जबकि रसोई घर के सामने वाले कमरे में पत्नी और बच्चे सोये थे। रात दो बजे मां ने चिल्लाया तो पत्नी कंचन देवी बेड पर से देखी कि मां के हाथ में नाग लिपटा है और मां सांप का गर्दन पकड़े चिल्ला रही थी। उस वक्त सांप अपने को छुड़ाने का असफल प्रयास कर रहा था। अचानक सांप का केंचुल शरीर से अलग हुआ और हाथों से फिसलकर उसने लगातार दो बार डंसा। इस दौरान भी मां ने सांप को छोड़ा नहीं। वो भागकर रस्सी लाया और सांप को बांधा और उसे टोकरी में डाल दिया। जबकि दूसरा सांप आपाधापी में रसोई घर में घुस गया।

पांच घंटे तक तीनों बच्चे, पत्नी सांप पर रखे रहे नजर
बकौल गंगा प्रसाद, वह अपनी मां का झाड़-फूंक कराने के लिए रात ढाई बजे मौलानाचक निवासी एक मौलवी के पास गये। उन्होंने पानी झाड़-फूंक कर दिया और तीन बार पानी पिलाने को कहा। लेकिन बहुत प्रयास के बावजूद गले से नीचे पानी नहीं गया। इस दौरान उनकी मौत हो गयी। इधर पूरा परिवार रसोई घर में छिपे सांप पर नजर रखे हुए था। रविवार की सुबह आठ बजे गंगा रेलवे स्टेशन गया और वहां से एक सपेरे को बुलाकर लाया। सांप ने पहले डलिया में रखे सांप को पकड़ा, फिर दूसरे सांप को ढूंढकर अपने कब्जे में लेकर चला गया। इसके बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। रविवार की शाम पांच बजे वृद्धा शोभा देवी का बरारी स्थित श्मशान घाट पर दाह संस्कार कर दिया गया। गंगा ने बताया कि पूरा परिवार न तो रविवार की रात सोया और न ही सोमवार की रात में सो नहीं पा रहा।

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By न्यूज़ डेस्क

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