भागलपुर : जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या सौ का आंकड़ा पार कर गई। मंगलवार को 14 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अब तक कुल 105 लोग कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं। एक तरफ जहां कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लोग स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। सड़कों और बाजारों में लॉकडाउन के अनुशासन का पालन नहीं किया जा रहा है। यह लापरवाही कोरोना के खतरे को और बढ़ा सकती है।


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दिन व दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा भी सकते हैं। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अब तक 40 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। संक्रमित मरीजों में खरीक के दो, चार शाहकुंड, चार गोराडीह, एक कहलगांव और तीन सबौर के हैं। चार महिला और दस पुरुष हैं। सभी के सैंपल रविवार को लिए गए थे। सभी प्रवासी हैं और क्वारंटन सेंटर में थे। मंगलवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमितों में चार वर्षीय बच्ची भी है।

संक्रमित बच्ची को देख भागे चिकित्सक

कहलगांव में चार साल की बच्ची भी मंगलवार को कोरोना की शिकार हुई। दोपहर में बच्ची को लेकर स्वजन एंबुलेंस से जेएलएनएमसीएच पहुंचे तो चिकित्सक ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया और दवाइयां देकर घर जाने की सलाह दे दी। स्वजन बच्ची को लेकर जा रहे थे, इस बीच कोरोना मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस खराब हो गई। अस्पताल प्रबंधक को जानकारी मिली और मामला अधीक्षक तक पहुंच गया। इसके बाद बच्ची को शाम में शिशु वार्ड में भर्ती किया गया। करीब चार घंटे बच्ची के पिता बच्ची के साथ अस्पताल में खड़े रहे। अस्पताल सूत्रों की मानें तो बच्ची की उम्र कम है। इस कारण उसे शिशु वार्ड में भर्ती किया जाना था। लेकिन निगरानी करनी होती, चिकित्सकों को शिशु विभाग आना पड़ता। कंधों पर बोझ बढ़ता देख शिशु विभाग के चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी से भागने लगे। शिशु रोग विभाग में कोई भी भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हुआ। स्वास्थ्य प्रबंधक सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रबंधन के निर्देश के बाद शाम में बच्ची को शिशु वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

कोरोना वार्ड फुल, मेडिसिन में इलाज

लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से मेडिकल कॉलेज अस्पताल का आइसोलेशन वार्ड लगभग भर गया है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। मेडिसीन विभाग को भी आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। गुरुवार से संक्रमित मरीजों का यहां इलाज होगा। अस्पताल प्रबंधक ने बताया दो दिन में मेडिसिन विभाग पूरी तरह बन कर तैयार हो जाएगा।

प्रवासी की ट्रेन में मौत, पोस्टमार्टम को कोरोना रिपोर्ट का इंतजार

भागलपुर: गुजरात के वापी से श्रमिक ट्रेन से आ रहे दरभंगा के बभनटोली निवासी लाल बाबू कामती (52) की सफर के दौरान ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा कॉलेज में रखा गया है। चिकित्सक ने साफ कहा कि जब तक रिपोर्ट नहीं आएगी पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा। मामले में रेल थाने में यूडी केस दर्ज किया गया है। लालबाबू कामती वापी में 15 वर्षो से गार्ड का काम करते थे। जनवरी में लालबाबू लकवा के शिकार हुए थे। इलाज के बाद तबियत ठीक हो गई थी। रेल थानाध्यक्ष अरिवंद कुमार ने बताया कि ट्रेन पहुंचने के बाद शव को रेल थाना लाया गया।

सदर अस्पताल में 86 की स्क्रीनिंग

सदर अस्पताल में मंगलवार को 86 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसमें से 24 प्रवासी थे। सभी प्रवासियों को उनके प्रखंड में होम क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया। इंचार्ज पुरुषोत्तम झा ने बताया कि किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।

क्वारंटाइन सेंटर से निकलते ही तबीयत बिगड़ी

नवगछिया के इस्माइलपुर स्थित क्वारंटाइन सेंटर से एक युवक को घर जाने की छुट्टी दे दी गई। छोटी परबत्ता स्थित घर पहुंचते-पहुंचते उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्वजन उसे लेकर सीधा जेएलएनएमसीएच लेकर पहुंचे। युवक दूसरे राज्य से आने के कारण चिकित्सक भर्ती करने में आनाकानी करने लगे। फिर अस्पताल प्रबंधन के निर्देश पर उसे भर्ती किया गया।

ट्रेनिंग कॉलेज में 150 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में 150 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि बिहार सíवस मेडिकल कॉरपोरेशन से 300 ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। इसमें 30-30 सिलिंडर अनुमंडल अस्पताल और पीएचसी में छह और सदर अस्पताल में 50 सिलिंडर दिए गए हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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