नवगछिया /भागलपुर : दिनभर भीषण गर्मी से झुलस रहे भागलपुर जिले में सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। 85 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने जिलेभर में पेड़, बिजली के पोल और अस्थायी ढांचे उखाड़ दिए, जिससे पूरा जिला अंधेरे में डूब गया।
नवगछिया में सबसे ज्यादा नुकसान
तूफान का सबसे ज्यादा असर नवगछिया इलाके में देखने को मिला। यहां करीब 40 इंच मोटा विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर 30 से 40 फीट दूर जा गिरा। कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानें और ढांचे पूरी तरह तबाह हो गए।
एनएच-31 और एनएच-80 पर यातायात ठप
तेज आंधी के कारण एनएच-31 और एनएच-80 समेत कई प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए, जिससे रातभर यातायात बाधित रहा। कई वाहन रास्तों में फंस गए और लोग घरों में कैद होकर रह गए। प्रशासनिक टीमें देर रात तक सड़क से पेड़ हटाने में जुटी रहीं।

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी नुकसान
आंधी के दौरान पेड़ गिरने से जेएलएनएमसीएच के सर्जरी वार्ड के स्टोर रूम की दीवार गिर गई और खिड़कियां टूट गईं। इसके कारण वार्ड में पानी भर गया। एहतियातन मरीजों को दूसरे कक्ष में शिफ्ट करना पड़ा।
रेलवे सेवा प्रभावित, स्टेशन की दुकानें टूटीं
कटिहार-बरौनी रेलखंड पर कई जगह बिजली के तार टूटने से ट्रेन परिचालन प्रभावित हो गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है।
वहीं बिहपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का एस्बेस्टस उड़ गया और स्टेशन परिसर की कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।
बरारी घाट पर प्रशासन का तंबू उखड़ा
बरारी घाट पर जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया तंबू भी तेज हवा में उखड़ गया। कई मोहल्लों में पेड़ गिरने से घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि रातभर अंधेरा और खराब मौसम के कारण नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो सका।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग, भागलपुर केंद्र के मौसम विज्ञानी अनुपम नाहर ने बताया कि देर रात हवा की रफ्तार 85 से 86 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। उन्होंने कहा कि ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय तेज हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम अचानक उग्र हो गया। विभाग ने 23 से 25 मिमी तक बारिश होने का अनुमान जताया है।

