भागलपुर रेलवे स्टेशन के जीआरपी और बिजली विभाग में तनातनी के चलते पूरा स्टेशन परिसर एक घंटे से ज्यादा देर तक अंधेरे में डूबा रहा। दरअसल स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर स्थित वरीय अनुभाग अभियंता (विद्युत) कार्यालय के समक्ष जीआरपी द्वारा शव रखने के विरोध में विद्युतकर्मियों ने स्टेशन परिसर में आपूर्ति बाधित कर दी।
विद्युतकर्मियों ने शव हटाने को लेकर हंगामा भी किया। 70 मिनट तक स्टेशन परिसर अंधेरे में डूबा रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते रेलवे का कामकाज बाधित हुआ। रेलवे के विद्युतकर्मियों ने बताया कि पिछले कई महीने से जीआरपी द्वारा शव को कार्यालय के समक्ष रख दिया जाता है। इसके चलते कार्यालय में प्रवेश करने में भी परेशानी होती है। दो दिन होने पर शव से बदबू निकलने लगता था। कर्मी कार्यालय में काम नहीं कर पाते हैं। शुक्रवार को जीआरपी द्वारा कार्यालय के सामने शव रखने से कोई प्रवेश नहीं कर पा रहा था।

कर्मियों ने बताया कि मुख्यालय को सूचना देने के बाद स्टेशन परिसर की बिजली काटी गयी। बिजली कटने से आरक्षण काउंटर पर बुकिंग का काम बंद रहा। अंधेरा रहने के चलते प्लेटफार्म पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि शवगृह का एसी कई महीने से खराब है। जीआरपी विद्युत विभाग पर एसी ठीक करने का दबाव बना रही थी। मुख्यालय से अनुमति नहीं मिलने के चलते विद्युत विभाग एसी ठीक नहीं कर रहा है। इसके विरोध में शव को जीआरपी ने कार्यालय के समक्ष रख दिया। बिजली कटने से टिकट काउंटर सहित स्टेशन का अन्य कामकाज बाधित हुआ। मुख्यालय से वार्ता होने पर 70 मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि गुरुवार को पीरपैंती स्टेशन पर ट्रेन से कटकर एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गयी। अज्ञात शव को पहचान के लिए 72 घंटे रखना पड़ता है। शवगृह का एसी चार महीने से खराब है। शव को सुरक्षा की दृष्टि से प्लेटफार्म पर रखा गया है। शव रखने के लिए दूसरी जगह नहीं है। रेल एसपी के माध्यम से डीआरएम से एसी ठीक कराने का आग्रह किया गया था। स्थानीय स्तर पर भी कई बार आग्रह किया गया। लेकिन एसी ठीक नहीं हो रहा है। थाना के बगल में पुलिस का बैरक है। शव रखने पर वहां रहने वाले पुलिसकर्मियों को परेशानी होती है। पुलिस रेलवे का काम करती है एसी ठीक नहीं होगा तो शव कहां रखा जाएगा।


