विक्रमशिला पुल 27 सितंबर की आधी रात से बंद होने जा रहा है। 20 दिनों में 17 अक्टूबर तक पुल पर कोई भी वाहन नहीं चलेंगे। भागलपुर जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक ई-रिक्शा मिलेगी। पुल पर 100 मीटर के हिस्से में होने वाले काम के दौरान ई-रिक्शा से उतरकर पैदल 100 मीटर की दूरी तय करनी होगी। इसके बाद फिर ई-रिक्शा जाह्नवी चौक तक ले जाएगी। भागलपुर जीरोमाइल से पुल तक ई-रिक्शा पांच रुपए में तो नवगछिया जीरोमाइल से पुल तक ऑटो का किराया 15 रुपए होगा।
पुल बंदी के दौरान गंगा में नाव भी नहीं चलेगी। यहां धारा 144 लागू की जा रही है। इसके बाद भी गंगा में नाव चलती पाई गई तो नाव जब्त होगी और कार्रवाई होगी। डीएम प्रणव कुमार ने मंगलवार को पुल निर्माण निगम, ठेका एजेंसी रोहिरा रीबिल्ड, पुलिस अफसरों और भागलपुर एसडीएम आशीष नारायण व नवगछिया एसडीएम मुकेश कुमार की मौजूदगी में एसडीएम स्तर पर बनी वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर मुहर लगा दी।
डीएम ने बनाई व्यवस्था, निर्माण स्थल के पास 100 मीटर चलना होगा पैदल, 17 अक्टूबर तक पुल की होगी मरम्मत, ट्रैफिक नियंत्रण को तैनात होंगे मजिस्ट्रेट

ये है व्यवस्था
पुल बंदी के दौरान ये हैं विकल्प
1. तिलकामांझी, स्टेशन और डिक्सन मोड़ से नवगछिया की ओर आने-जाने के लिए विक्रमशिला पुल तक ऑटो व ई-रिक्शा से जाना होगा। पुल पर ई-रिक्शा होगी। पुल के मरम्मत वाले हिस्से जोन-ए में पाया नंबर 2 और 3 के बीच 34 मीटर लम्बे सस्पेंडेड स्पैन और अर्टिकुलेशन (स्लैब और जोड़) पर काम चलेगा। इसलिए इस हिस्से के दोनों ओर 30-30 मीटर पहले ही यानि (94 मीटर) करीब 100 मीटर पहले ई-रिक्शा आपको उतार देगी। यहां से 100 मीटर की यात्रा पैदल करनी होगी। दूसरी ओर दूसरी ई-रिक्शा से जाह्नवी चौक पहुंचेंगे। यहां एक अस्थायी बस स्टैंड होगा। यहां से छोटी गाड़ियां मसलन मैजिक या ऑटो सीधे नवगछिया जीरोमाइल तक ले जाएंगे।
2. मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों को एम्बुलेंस दी जाएगी। भागलपुर जीरोमाइल की ओर पुल के शुरुआती हिस्से के पास एक एम्बुलेंस खड़ी रहेगी, दूसरी एम्बुलेंस पुल के दूसरे हिस्से में नवगछिया की ओर खड़ी मिलेगी। मरम्मत स्थल से 100 मीटर पहले एम्बुलेंस पहुंचेगी। मरम्मत वाले स्थान पर स्ट्रेचर पर मरीज पार होंगे। इसके बाद दूसरी एम्बुलेंस से संबंधित अस्पताल या डॉक्टर तक पहुंचाया जाएगा।
ये भी है तैयारी
लखीसराय के रास्ते शहर पहुंचेंगे गैस के सिलेंडर
विक्रमशिला पुल बंदी के दौरान शहर में लोगों को गैस की किल्लत न हो, इसलिए एसडीएम आशीष नारायण ने मंगलवार को गैस एजेंसियों के संचालकों की बैठक ली। एसडीएम ने संचालकों से उनकी तैयारी पूछी। अधिकांश एजेंसी मालिकों ने यह कहा कि गोदाम में गैस सिलेंडरों की संख्या पर्याप्त हैं। बंद से पहले ही ग्राहकों को मैसेज भी भेजे गए हैं। ग्राहक इस दौरान अपने घरों के खाली सिलेंडर कभी भी भरवाकर रख सकते हैं। इतना ही नहीं, लखीसराय के रास्ते गैस सिलेंडर से लदे ट्रक पहुंचेंगे। इससे परेशानी नहीं होगी।


