भागलपुर : ‘तेरे घर से सामने, एक घर बनाऊंगा… यह गाना टीएमबीयू की पार्ट वन की केमेस्ट्री की उत्तरपुस्तिका में उत्तर के रूप में लिखा था। सिर्फ यही एक कॉपी नहीं बल्कि कई कॉपियों में गाना, गजल या कहानी लिखे हुये मिले। कई छात्र इस बार फेल भी किये हैं, तो कुछ को दो नंबर भी मिले हैं।

टीएमबीयू की पार्ट वन की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन लगभग समाप्त हो चुका है। इसके उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे गये उत्तर का स्तर 2019 या उसके पहले के सालों की अपेक्षा काफी खराब रहा है। टीएनबी कॉलेज के केमेस्ट्री विभाग के शिक्षक डा. राजीव सिंह ने बताया कि इस बार जितने भिन्न-भिन्न तरह के उत्तर देखने को मिले, पहले कभी देखने को नहीं मिले थे। कोई ‘प्लीज पास कर दीजिये, शादी होने वाली है तो कोई अंग्रेजी की स्क्रिप्ट में हिन्दी का गाना लिखा है। पहले की उत्तरपुस्तिकाओं से गिरावट आई है। दस फीसदी छात्र ही होंगे जो प्रश्न को समझकर उत्तर लिखे होंगे। शेष को सिलेबस की पूरी जानकारी नहीं थी। किसी के उत्तर में तो प्रश्न से कोई वास्ता ही नहीं था कि क्या पूछा गया है और क्या उत्तर दे रहे हैं।

टीएनबी कॉलेज के शिक्षक डा. उमाकांत प्रसाद ने बताया कि पढ़ाने के बावजूद भी लड़के प्रैक्टिस नहीं करते हैं। हमलोग तो पढ़ा देते हैं। लड़कों का ध्यान जॉब की ओर रहता है। हालांकि 2020-23 के पार्ट वन की परीक्षा के उत्तरपुस्तिका में कुछ बच्चों ने काफी अच्छे उत्तर दिये हैं लेकिन अधिकतर की स्थिति अच्छी नहीं है। परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे उत्तर में काफी गिरावट आई है। छात्र उत्तर की जगह प्रश्नों को ही बार-बार दोहराकर लिख दे रहे हैं, जैसे परीक्षक कुछ पढ़ता ही नहीं हो। कोई पास करने का अनुरोध करता है। इस बार उत्तरपुस्तिकाओं में लिखे गये उत्तर का स्तर पिछले 2019 या उसके पहले के सालों की अपेक्षा काफी खराब रहा है। मारवाड़ी कॉलेज के फिजिक्स के शिक्षक डा. दीपो महतो ने कहा कि फिजिक्स की उत्तरपुस्तिका में दूसरे विषय की बात लिख दी गई थी। हर बार कई छात्र कुछ अंकों से पास करने से रह जाते थे तो उन्हें कुछ अधिक अंक देकर पास कर देते थे लेकिन इस बार कइयों के इतने कम अंक हैं कि चाहते हुये भी पास नहीं कर सका। कइयों ने तो उत्तर की जगह कुछ लिखा ही नहीं था।

कोरोना और ऑनलाइन में उपस्थिति नहीं होना है कारण

शिक्षकों का मानना है कि कोरोना काल में उत्तरपुस्तिकाओं में इस तरह के उत्तर का एक कारण हो सकता है। क्योंकि पार्ट वन की इस बार परीक्षा देने वाले छात्र कोरोना काल में कॉलेज बंद होने के कारण न तो क्लास कर सके और न ही ऑनलाइन कक्षा हुई तो इसमें उनकी उपस्थिति अच्छी रही। इसमें छात्र कैमरा खोलकर नहीं बैठते थे जिसके कारण प्रभावी नहीं रहा।

शिक्षकों को आना होगा आगे

डा. राजीव सिंह ने कहा कि इसमें शिक्षकों को भी आगे आना होगा। उनके कॉलेज में प्रधानाचार्य ने मेंटरशिप शुरू किया है। शिक्षकों के नेतृत्व में कुछ छात्रों को जरूर रखा जाना चाहिये जो उन छात्रों पर ध्यान रख सकें। डा. उमाकांत प्रसाद ने कहा कि छात्रों को खुद नियमित कक्षाएं करनी होंगी। सिर्फ चाहने से नौकरी नहीं मिलेगी। पढ़ाई भी अच्छे से करनी होगी।

कोट

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हुई। ऑनलाइन क्लास में भी ठीक से कक्षाएं नहीं हो पायी। ऐसे में छात्र प्रभावित हुए हैं। अब शिक्षक और छात्र दोनों को मिलकर पिछले सिलेबस को मजबूत करना होगा और आगे की नियमित कक्षाएं करनी होंगी।

डा. रमेश कुमार, प्रतिकुलपति, टीएमबीयू

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By न्यूज़ डेस्क

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