प्रखंड के ईशीपुर निवासी गंगा प्रसाद गुप्ता के पुत्र देवानंद गुप्ता जो दोनों आंखों से बचपन से नेत्रहीन हैं, ने यूजीसी नेट की परीक्षा में सफलता अर्जित कर न केवल गांव का बल्कि प्रखंड का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने जता दिया कि यदि मन मे दृढ़ निश्चय तथा लगन एवं मेहनत हो तो सफलता कदम चूमती है। देवा ने बताया कि वे तीन बार पहले भी इस परीक्षा में भाग ले चुके हैं।
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चौथी बार तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र के रूप में 5 दिसंबर को आयोजित परीक्षा में वे फिर शामिल हुए तथा इस बार सफल हुए। उनका चयन एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में हुआ है। इनका विषय हिंदी है। वे इस सफलता का श्रेय अपने पिता गंगा गुप्ता, माता प्रमिला देवी, बहन मनीषा, भाई शेखर तथा दोस्तों तथा खासकर राइटर को देते हैं जो सभी परीक्षा में मेरे साथ रहते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा ईशीपुर हाईस्कूल से हुई है। जबकि ग्रेजुएशन भागलपुर विश्वविद्यालय से किया है। उसके माता पिता ने इस सफलता पर काफी खुशी जताई तथा कहा कि उसने बीएड, सीटेट भी किया है। ग्रामीणों ने भी उसकी सफलता पर खुशी जताई है।

