मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हड्डी विभाग में भर्ती हुसैनाबाद के सुजीत कुमार सुमन को रविवार शाम 7 बजे एक नर्स ने एक्सपायर डेक्सटोज (स्लाइन) चढ़ा दिया। जून में ही एक्सपायर हो चुके स्लाइन चढ़ाने के एक घंटे बाद ही मरीज कांपने लगा। परिजनों ने मोटा चादर ओढ़ाया। इसके बाद भी कंपकंपी कम नहीं हुई तो उसकी प|ी पूजा देवी ने दूसरे शिफ्ट में आई नर्स से शिकायत की तो उसे डांटकर भगा दिया।

कई बार कहा तब जाकर नर्स ने एविल और डेक्सोना इंजेक्शन देकर मरीज को कंट्रोल किया। तुरंत डॉ. संजीव को बुलाया गया। दोबारा फिर से वही स्लाइन चढ़ाने की कोशिश हुई तो फिर मरीज की हालत बिगड़ने लगी। हालांकि इसे तुरंत बंद कर दिया गया। परिजनों ने सोमवार को अधीक्षक से इसकी शिकायत की। इसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। सुजीत का पुरैनी के पास ऑटो रिक्शा से एक्सीडेंट हो गया था। उसके जांघ की हड्डी टूट गई थी। पहले उसे इमरजेंसी में रखा फिर वार्ड में डॉ. दिलीप सिंह की यूनिट में भेज दिया।

अधीक्षक ने प्रभारी समेत पांच नर्स से पूछा शोकॉज

मामले में अधीक्षक ने प्रभारी नर्स समेत पांच नर्स से शोकॉज पूछा है। अधीक्षक ने हड्डी विभाग की प्रभारी नर्स उषा कुमारी, वैजयंती माला, मुन्नी कुमारी, ममता कुमारी व साधना कुमारी से 24 घंटे के अंदर शोकॉज पूछते हुए जबाव मांगा है। अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने अपने पत्र में कहा है कि 16 मार्च 2017 को दवा भंडार से 5 प्रतिशत डेक्स्टोज हड्डी विभाग में आपूर्ति हुई।

उसमें निर्माण की तारीख जुलाई 2016 व एक्सपायर का समय जुलाई 2018 लिखा था। यह देखना प्रभारी नर्स उषा कुमारी का काम था कि एक्सपायर दवा को स्टोर से हटा देते। किसी नर्स द्वारा मरीज को नहीं दिए जाने की व्यवस्था करती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने भी तत्काल स्लाइन बंद नहीं किया और डॉक्टर को नहीं बुलाया। जूनियर रेजिडेंट ने आकर स्लाइन बंद किया तब मरीज की जान बची।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *