भागलपुर के मायागंज अस्पताल में पुलिस कस्टडी में कैदी की मौत हो गई है। मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक खरीक थाना क्षेत्र के खरीक बाजार निवासी मनोज चौधरी (35 वर्ष) है। परिजनों ने शनिवार को अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके साथ मारपीट की, जिस वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी।


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परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया, जिसके बाद लगी भीड़।
परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया, जिसके बाद लगी भीड़।

बताया जाता है कि 5 सितंबर की देर रात पुलिस ने मनोज चौधरी को उसके घर के पास से नशे की हालत में गिरफ्तार किया। अगले दिन 6 सितंबर को कार्रवाई करते हुए उसे भागलपुर सेंट्रल जेल भेजा। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के बाद पुलिस ने आनन-फानन में उसे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मायागंज अस्पताल में बने कैदी वार्ड में उनके साथ मारपीट की गई है। मारपीट करने से हालत बिगड़ी है। पुलिस-प्रशासन ने अपने आपको बचाने के लिए उसे गम्भीर हालत में अस्पताल भेज दिया था।

मृतक के फुफेरे भाई रंजीत कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मनोज चौधरी को रंगड़ा थाना द्वारा अपनी कस्टडी में लेकर मारपीट की गई है। मनोज के पूरे शरीर पर मारपीट से बने गम्भीर चोट के निशान स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं।

मृतक की फाइल फोटो।
मृतक की फाइल फोटो।

इस बारे में केंद्रीय जेल अधीक्षक संजय चौधरी ने बताया कि जेल गेट के पास मनोज को अंदर ले जाने की कागजी कार्रवाई की जा रही थी, तभी वह बेहोश होकर गिर गया। आनन-फानन में सिपाहियों ने उसे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया।

मायागंज अस्पताल कैदी वार्ड के गृह रक्षक जनार्दन सिंह ने बताया कि 6 सितंबर की रात 8 बजे मायागंज में इलाज कराने के बाद उसे मेरे यहां बेहोशी की हालत में लाया गया। 10 बजे उल्टी हुई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। मनोज के बिगड़ते हालत को देखकर इसकी सूचना अस्पताल के डॉक्टर को दी गई। फिर मायागंज अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया, जहां करीब 9 बजे सुबह में उसकी मौत हो गई।

मृतक के शरीर पर चोट के निशान होने के परिजनों के आरोप पर उन्होंने कहा कि मेरे यहां तो वह बेहोशी की ही हालत में रहा। मुमकिन है कि थाने पर मार-पीट की गई हो।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अस्पताल के पूर्व प्रभारी अधीक्षक सह मानसिक रोग विभागाध्यक्ष प्रो अशोक कुमार भगत के अनुसार, अत्यधिक शराब के सेवन से लिवर और लंग्स में गड़बड़ी की रिपोर्ट जांच में आई है। फिलहाल जेल प्रशासन ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। जिला प्रशासन से प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट द्वारा फर्द बयान दर्ज कराने के बाद कार्रवाई शुरू की गई है।

पहले भी पुलिस मारपीट से हुई है मौत

बिहपुर थाना क्षेत्र में पहले भी दो ऐसी घटनाओं में दो मौतें हो चुकी हैं। पहली मौत 25 अक्टूबर 2020 को हुई थी, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक से पुलिस ने मारपीट की थी।

दूसरी मौत 23 अप्रैल 2021 को हुई थी। झंडापुर निवासी स्कार्पियो चालक विभूति कुमार उर्फ मनीष कुमार को स्कार्पियो चोरी के आरोप में झंडापुर थाने की पुलिस ने पकड़कर उसकी हाजत में जमकर पिटाई की थी। इसमें उसकी मौत हो गई थी।

INPUT : BHASKAR

By न्यूज़ डेस्क

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