यदि आप डॉक्टर, स्वर्ण व्यवसायी और कोचिंग संचालक हैं तो रहें सावधान! आप पर है इनकी नजर। दरअसल आयकर नहीं देने वाले डॉक्टर, स्वर्ण व्यवसायी और कोचिंग संचालक आयकर विभाग के निशाने पर हैं। बुधवार को प्रधान आयकर आयुक्त डीएस वेणुपानी की अध्यक्षता में कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने बताया कि भागलपुर और इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 15 जिलों में करदाताओं द्वारा सही से टैक्स जमा नहीं कराए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कई सेक्टर ऐसे हैं जहां से लोग कर देते ही नहीं, अगर देते भी हैं तो नगण्य माना जाये। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्वर्ण व्यवसायी और कोचिंग संचालकों के अलावा मैरेज पंडाल, गल्ला व्यवसायी, ईंट भट्ठा, फल, पॉल्ट्री, रियल इस्टेट और सेनेटरी व्यवसाय से जुड़े लोगों पर विभाग की कड़ी नजर है।

टैक्स तो देना होगा, न एक रुपये कम न एक रुपये ज्यादा
बैठक के दौरान प्रधान आयकर आयुक्त ने कहा कि जो दायरे में आते हैं उन्हें टैक्स तो देना ही होगा। विभाग उनसे न तो एक रुपये कम, न ही एक रुपये ज्यादा टैक्स लेगा। उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी करने वाले पेनाल्टी प्रोविजन के तहत आयेंगे और इसका गंभीर परिणाम होगा। 21 जनवरी को भागलपुर सहित सभी जिलों में करदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जायेगा, जिसमें आयकर अधिवक्ता, सीए और विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। प्रधान आयकर आयुक्त ने यह भी कहा कि भागलपुर और इससे संबंधित जिलों में लगभग 16 लाख पैनकार्ड धारी हैं पर इन जगहों से सिर्फ सवा लाख के करीब ही रिटर्न भरा गया है जो ठीक नहीं है।
बुधवार को हुई बैठक में इस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज भागलपुर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील आदि शामिल हुए। इनमें आयकर उपायुक्त डीएन लांबा, संयुक्त आयुक्त आरपी राम, आयकर अधिकारी कुमार रविशंकर, चैंबर अध्यक्ष अशोक भिवानीवाला, महासचिव रोहित झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष नीरज कोटरीवाला, सचिव पुनीत चौधरी, पीआरओ अभिषेक जैन, श्रुति रुंगटा आदि मौजूद थे।

