भागलपुर जिले के कहलगांव में राघव परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन पद्मविभूषण रामभद्राचार्य ने प्रवचन आरंभ करने के पूर्व मंच पर उपस्थित हिमांशु मोहन मिश्र दीपक से भजन सुनने को कहा। सांसद अजय मंडल ने पत्नी राधा देवी ने रामभद्राचार्य का पादुका पूजन किया। उनके साथ विधायक पवन कुमार यादव एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार साह, शिवकुबेर सिंह मंटू आदि उपस्थित थे।
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प्रवचन में रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरा साहित्यकार होने के नाते भोजपुरी से भी बहुत स्नेह है। उन्होंने ने भोजपुरी में संबोधन करते हुए कहा कि जब भगवान राम वन जा रहे हैं तो पथिक भगवान राम को मिल रहे हैं और पूछ रहे हैं का हो धनुर्धर तू कहवां से अइल हो। हे बबुआ आपन बता द तू नाम। विगत दो दिनों से चल रही कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बंदउं लछिमन पद जल जाता चौपाई से आरंभ किया। अगर राम जी को नहीं जान पाए तो किसी भी उपलब्धि का कोई फायदा नहीं। भगवान ने मुझे आंखें नहीं दीं पर रास्ता भूले तो हाथ पकड़ कर रास्ता दिखा दिया।
रामभद्राचार्य महाराज से पहले रामनयन मिश्र ने प्रवचन में कहा कि रामराज्य के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। जबतक लक्ष्य सही न हो, तब तक बाण नहीं मारा जाय। प्रचार सत्य का होना चाहिए झूठ का नहीं। प्रचार वाला माल खोटा होता है इससे बचें। हीरामणि मानस भारती ने कहा कि जीवन मे अपना दायित्व को समय रहते हुए अपने से छोटे को समर्पित कर देना चाहिए। मंच संचालन डा. हिमांशु मोहन मिश्र दीपक कर रहे थे। कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। बता दें कि कथा से पहलें सती स्थान चारोंधाम में नव्य मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामभद्राचार्य महाराज ने पूजा की थी।

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पंडित रामनयन मिश्र शास्त्री ने कथा वाचन करते हुए कहा कि अष्टावक्र जी को संसार मे कौन नहीं जानता है। भजन आत्मा और शरीर दोनों के लिए आवश्यक है। हमारा भजन सात्विक हो। प्याज की पकौड़ी खाकर आप भजन नहीं कर सकते हैं। रामराज्य के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि जबतक लक्ष्य सही न हो तो वाण नहीं मारा जाय।संसार मे सबसे बड़ा मंत्र उं नम: शिवाय है। प्रचार सत्य का होना चाहिए झूठ का नहीं। प्रचार वाला माल खोटा होता है इससे बचें। कन्या के विवाह की सारी तैयारी प्रभु ही करते हैं। पिता तो सिर्फ कन्यादान करते हैं। सीता की विवाह को लेकर पिता चिंतित थे दुखी थे। प्रभु श्रीराम सामने आए सीता की प्रतिज्ञा के अनुसार धनुष तोड़ विवाह हुई। सभी प्रभु की ही लीला है। उनकी महिमा अपरंपार है। धरती वीरों से खाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्नी वंश बढ़ाने के लिए होती है। काम वासना के लिए नहीं। आज परिवार नियोजन की बात हो रही है। पुरुष नसबंदी नहीं कराते पत्नी का बंध्याकरण ऑपरेशन जरूर करवा देते हैं। अपने स्वंय करो। दुर्वासा मुनि भगवान शंकर के अवतार थे। मां की सेवा करें वह जो भी कहे उसका पालन जरूर करें।
मानस कोकिला हीरामणि मानस भारती ने कहा कि सेवक, सचिव सकल पुरवासी, जो हमारे अरि मित्र उदासी। अयोध्या कांड के इस दोहे की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन मे अपना दायित्व को समय रहते हुए अपने से छोटे को समर्पित कर देना चाहिए। उनके भजनों पर श्रद्धालु झुम उठे।
डा आशा तिवारी ओझा ने रामभद्राचार्य महाराज के आज्ञा पर अपने स्वरचित गीत मिथिला नगरिया के पश्चिम किनरिया अमरेया में युगल किशोर चितचोर प्रस्तुति की। मंच संचालन डा हिमांशु मोहन मिश्र दीपक कर रहे थे। कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
नवनिर्मित मंदिर में रामभद्राचार्य महाराज ने की पूजा
कहलगांव में सती स्थान चारोंधाम में गंगा के किनारे भव्य मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के बाद तुलसी पीठाधीश्वर पद्म विभूषण स्वामी रामानन्दचार्य रामभद्राचार्य महाराज ने पूजा की।
