अग्निपथ योजना (Agneepath Yojna) के विरोध में दो दिनों के उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को बिहार बंद कराया गया. सूबे के कई क्षेत्रों में बंद के दौरान हिंसा की खबर भी सामने आयी. इस बीच भागलपुर में बंद का मिलाजुला असर दिखा. प्रशासन की मुस्तैदी के बीच शनिवार को किसी भी तरह की हिंसा की खबर कहीं से नहीं आयी. ऐसा पहली बार देखा गया जब बंद के दौरान खुद डीएम और एसएसपी एकसाथ शहर में उतरे और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया. भागलपुर में शनिवार का बंद शांतिपूर्ण रहा.
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भागलपुर में शांतिपूर्ण रहा बंद
शनिवार को बिहार बंद का आह्वान किया गया तो ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि जिस तरह बिहार विरोध की आग में जल रहा है, उसका असर बंद पर भी दिखेगा. भागलपुर में पूर्व के रिकॉर्ड को देखा जाए तो ऐसे हालात में बंद के दौरान कुछ न कुछ अप्रिय घटनाएं सामने आ ही जाती रही. लेकिन इस बार शनिवार को बंद के दौरान कहीं से भी कोई अप्रिय घटनाएं सामने नहीं आई. इस बार प्रशासन ने भी अपनी ओर से पूरी तैयारी कर रखी थी.
डीएम और एसएसपी दोनों रहे सक्रिय
शनिवार का बंद भागलपुर में मिला-जुला रहा. रोजाना की तरह शहर की दुकानें पूरी तरह नहीं खुली रही. करीब 80 प्रतिशत दुकानों को व्यवसाइयों ने खुद ही बंद रखना उचित समझा. कुछ दुकानें खुली भी रहीं लेकिन उसे जबरन बंद कराने कोइ भी संगठन सामने नहीं आए. वहीं इस बार भागलपुर डीएम सुब्रत सेन और एसएसपी बाबू राम दोनों फिल्ड पर खुद उतरकर हालात पर नजर बनाये हुए दिखे. भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी.

ट्रेन कैंसिल होने से लोग परेशान
स्टेशन चौक के गोलंबर पर कुछ लोग नारे लगाते दिखे जिन्हें पुलिस ने समझाया-बुझाया और जाने का आग्रह किया. उधर रेल सेवा बाधित रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. भागलपुर से खुलने वाली सभी ट्रेनें शनिवार को रद्द की गयी थी. लोग जानकारी के अभाव में स्टेशन तो पहुंच गये लेकिन ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी मिलने पर परेशान दिखे.
कहलगांव और नवगछिया में बंद
कहलगांव और नवगछिया में भी बंद का असर नहीं के समान ही दिखा. दोनों जगह दुकानें खुली रही. नवगछिया में माले ने नुक्कड नाटक के जरिये विरोध जताया. सभी जगह बंद शांतिपूर्ण रहा
