भागलपुर । 31 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप प्रकाश। वह शेरवानी में था। पैर रंगे हुए थे। बुधवार की रात ही तो शादी हुई थी। विवाह भवन में शादी संपन्न हो गई थी पर माहौल नहीं बदला था। जयमाला के लिए बने माला के फूल अभी भी ताजे दिख रहे थे। लड़के और लड़की के परिवार वाले आपस में बातचीत में लगे थे। दुल्हन को विदा करा घर लाने वाला था दिलीप प्रकाश। ईश्वर की मर्जी कुछ और ही थी। जिन दोनों घरों में खुशियों का माहौल था, वहां मातम फैल गया। कुछ ही घंटे पहले दूल्हा बने दिलीप की अचानक मौत हो गई। गुरुवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर दिलीप को इलाज के लिए मायागंज स्थित अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना पर प्रशिक्षु आईपीएस एएसपी अपराजित लोहान विवाह भवन और मायागंज पहुंचे। उन्होंने दोनों के परिजनों से बात की और घटना की जानकारी ली। दूल्हे की मौत की सूचना पर दोनों के परिवार के सदस्य भी मायागंज पहुंचे। दिलीप के पिता मुकुंद मोहन झा ने मायागंज में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने बेटे की मौत के लिए किसी को दोषी नहीं बताया है।
दिल्ली में कार्यरत था दिलीप, चाईबासा की आयुषी से हुई थी शादी
दिलीप प्रकाश सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और दिल्ली में पदस्थापित था। उसकी शादी आयुषी से हुई थी। आयुषी मूल रूप से बांका के अमरपुर की रहने वाली है लेकिन उसके पिता झारखंड के चाईबासा में ही पिछले कई सालों से रह रहे हैं और वहीं अपना मकान भी बना लिया है। दिलीप के पिता मुकुंद मोहन झा ने बताया कि लड़की वालों से कहा गया था कि वे भागलपुर आकर ही शादी कराएं। वे तैयार हो गए और मिरजानहाट शीतला स्थान चौक स्थित मातेश्वरी पैलेस विवाह भवन में बुधवार की रात दिलीप और आयुषी की शादी हुई।

गुरुवार की सुबह दूल्हा बने दिलीप को लोगों ने ब्रश करने के लिए कहा ताकि चाय पी सके। ब्रश करते ही दिलीप की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दिलीप के पिता ने बताया कि आयुषी भी एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है। उन्होंने कहा कि दिलीप को कोई बीमारी नहीं थी। बेटे की अचानक मौत से उनका हाल भी बेहाल था। दिलीप की मौत कैसे हुई यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगा।
