जिस बरारी वाटर वर्क्स से शहर के करीब आधे हिस्से को पानी आपूर्ति की जाती है उसके तालाब में बुधवार की सुबह एक नवजात का शव मिला है। हैरत की बात यह है कि शव मिलने के बावजूद शहरवासियों को उस तालाब के पानी का ट्रीटमेंट कर आपूर्ति की जाती रही।
तालाब में शव की सूचना मिलते ही पैन इंडिया के प्रतिनिधि वहां पहुंचे और मजदूर से शव को निकलवाया। तालाब में शव मिलने के बाद बुधवार को उपनगर आयुक्त प्रफुल्ल चंद्र यादव बरारी जांच करने पहुंचे। उन्होंने पैन इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव मिश्रा से बात की। नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने राजीव मिश्रा को नगर निगम कार्यालय तलब किया और वाटर वर्क्स के सुरक्षा के उपाय पर बात की।
चार दिन पहले तालाब में मिलीं थी मरी हुईं मछलियां
वाटर वर्क्स स्थित तालाब में चार दिन पहले मरी हुईं मछलियां पायी गयी थीं। जिसके बाद पानी की शुद्धता पर सवाल उठने लगे। लोगों की शिकायत पर तालाब के पानी की जांच के लिए सैंपल को ग्वालियर भेजा गया। अक्सर शहर के विभिन्न वार्डों के लोग गंदा पानी सप्लाई किए जाने की शिकायत करते हैं।

परिसर की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
गंगा नदी से पानी लाकर जिस तालाब में पानी जमा किया जाता है, उस तालाब के आसपास सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां कौन, कब और किस मकसद से आ-जा रहा है, इसपर निगरानी रखने वाला कोई नहीं है। बड़ा सवाल है कि शहरवासियों की जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ क्यों। एक तरफ स्मार्ट सिटी पर करोड़ों रुपये खर्च करने की प्लानिंग हो रही है, वहीं पीने के पानी की शुद्धता को बनाये रखने और वहां पर सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है।
सुरक्षा के ये इंतजाम होंगे
– वाटर वर्क्स में तीन मीटर ऊंची चारदीवारी बनेगी।
– चारदीवारी पर दो मीटर ऊंचे कटीले तार लगाए जाएंगे
– वाटर वर्क्स परिसर में लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
– सुरक्षा गार्ड की संख्या बढ़ायी जायेगी।
– परिसर में घुसने से पहले गहन जांच होगी
इस संबंध में नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने बताया कि तालाब में बच्चे का शव मिलने के बाद पैन इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर को बुलाया था। वाटर वर्क्स की बाउंड्री का टेंडर हो चुका है। जहां टूटी है, वहां मरम्मत और जहां नहीं है वहां नयी बाउंड्री बनेगी। उसके ऊपर कंटीले तार लगाये जायेंगे और सीसीटीवी भी लगेंगे।
वहीं पैन इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव मिश्रा ने बताया कि तालाब से शव निकाल कर कुछ मात्रा में पानी को ड्रेन किया गया। पानी की शुद्धता की जांच की गयी, गड़बड़ी नहीं मिलने पर आपूर्ति जारी रखी गई। नगर आयुक्त ने पुलिस से लिखित शिकायत करने का निर्देश दिया है, जो किया जा रहा है।


