मधेपुरा : मधेपुरा पुलिस अपने कारनामों से सुर्खियों में रहती है। नया मामला चौसा थाना के एक दारोगा गो¨पद्र सिंह का है। उसका ऑडियो वायरल हुआ है। ऑडियो में दारोगा टाइमपास के लिए लड़की मांग रहा है। मामले में दारोगा को निलंबित कर दिया गया है।
ऑडियो में वह किसी को फंसाने के लिए हथियार भी मांग रहा है। यह ऑडियो दारोगा व चंद्रभूषण सिंह के बीच हुए बातचीत का है। चंद्रभूषण सिंह पर एक केस दर्ज होने के बाद उसने ऑडियो वायरल किया है। एसपी ने वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए दारोगा को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। दारोगा गो¨पद्र सिंह का मनोबल काफी बढ़ा हुआ था। मांग पूरी नहीं होने पर वह किसी भी हद तक जा सकता था।
चौसा थाना क्षेत्र के कलासन निवासी योगेंद्र साह 10 माह पहले भूमि विवाद का एक मामला लेकर थाना आए थे। उसके बाद उनसे घूस की मांग की गई। घूस नहीं देने पर तो दारोगा पीछे ही पड़ गया। वह, घूस के अलावा एक पिस्टल व एक एक लूटी बाइक भी मांग करने लगा। मांगें जब पूरी नहीं हुईं तो उसके तेवर सख्त हो गए। अप्रैल से जून महीने के बीच परिवार पर उसने चार केस दर्ज करवा दिया। 13 साल के नाबालिग बेटे को 19 वर्ष का बताकर केस में उसका नाम दे दिया।


दारोगा गो¨पद्र सिंह व चंद्रभूषण सिंह के बीच हुई थी बातचीत, ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने की कार्रवाई
वायरल ऑडियो के आधार पर दारोगा को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। उसे पुलिस लाइन में लाइन हाजिर किया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
– संजय कुमार, एसपी, मधेपुरा
दरोगा गो¨पद्र सिंह और चंद्रभूषण यादव के बीच हुए बातचीत के मुख्य अंश
गो¨पद्र सिंह, दारोगा : क्या हाल चाल है।
चंद्रभूषण यादव : जी ठीक है।
दारोगा : तब फुर्सत नहीं मिली।
चंद्रभूषण : अभी ब्याह शादी का दिन है।
दारोगा : फुर्सत नहीं है कि मन नहीं करता है भेंट करने का।
चंद्रभूषण : कोई काम रहेगा तब न।
दारोगा : मेरा वाला काम नहीं है, कल आते हैं।
चंद्रभूषण : केस वाला?
दारोगा : वह तो है ही,। कहे कि फोन पर बात नहीं करना है।
चंद्रभूषण : तभी हम बिजी थे सर।
दारोगा : एक मौका लगे तो जरूरी काम है।
चंद्रभूषण : आप हमको चार काम बताए थे। दो महीने से ऊपर हो गया। एक भी काम हमसे नहीं हो पाया।
दारोगा : हां, हां, हां, हां
चंद्रभूषण : एक काम था, टाइमपास के लिए महिला का..वह हमसे नहीं हो पाया।
दारोगा : वह तो हम मजाक कर रहे थे..
चंद्रभूषण : नहीं, आपने कहा था न।
दारोगा : हां, अगर हो जाता तो हो जाता, उसके लिए टेंशन नहीं लेना है।
चंद्रभूषण : दूसरा काम आपने कहा था, एक थ्री नाट, दो गोली का..
दारोगा : हां, हां.. इसी के लिए आपको बुला रहे थे। मोबाइल पर बात नहीं करना था।
चंद्रभूषण : सुनिए, पहले चार काम का नाम बता दीजिए।
दारोगा : अच्छा ठीक है, बोलिए।
चंद्रभूषण : दो काम हुआ, एक काम गाड़ी वाला.. छीनी गई मोटरसाइकिल वाला।
दारोगा : हां, हां.. तीन..
चंद्रभूषण : एक काम जोगी साह वाला है कि उससे दस हजार और लेना है।
दारोगा : हां हां हां।
चंद्रभूषण : चार काम का भार आपने दिया था। अभी तक हमने एक भी नहीं किया।

