मिस्र में हेराक्लियन नाम का एक जीता-जागता शहर हुआ करता था। पर अचानक एक दिन ये शहर समुद्र में समा गया और रेत के नीचे ढक गया। इसकी तलाश 1200 साल बाद एक फ्रेंच अंडरवाटर आर्कियोलॉजिस्ट ने की।
अब इस शहर के अवशेष समुद्र तल से 30 फीट नीचे से निकाले जा रहे हैं। इसके अंदर खुदाई से विशालकाय मूर्तियां निकाली गईं और कई प्राचीन जहाज के मलबे भी निकाले गए, जिन्हें देखकर साइंटिस्ट्स भी हैरत में पड़ गए थे। हालांकि, इस शहर के गायब होने की कहानी अब भी साइंटिस्ट के लिए एक पहेली बना हुई है। अलेक्जेंड्रिया के पास अबौकिर बे में भूमध्य सागर में ये शहर दबा मिला है। चार साल की मेहनत के बाद साल 2000 में इसकी तलाश फ्रेंच अंडरवाटर आर्कियोलॉजिस्ट डॉ फ्रैंक गोडियो और यूरोपियन इंस्टीट्यूट ऑफ अंडरवाटर एक्योलॉजी ने की थी। इसे लेकर बनाई गई एक डॉक्युमेंट्री में 2013 में इस जगह 13 साल की खुदाई के बारे में पूरी जानकारी दी थी।
आर्कियोलाजिकल खोज में पता चला है कि ये सिर्फ ट्रेड हब ही नहीं था बल्कि अहम धार्मिक सेंटर भी था। टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्च से पता चला है कि थॉनीज हेराक्लियन भूमध्य सागर और नील के बीच एंट्री के लिए एक अनिवार्य पोर्ट था।

यहां समुद्र के नीचे दबे शहर के मलबे में से 64 प्राचीन जहाजों के मलबे और जहाज को पोर्ट पर रोकने वाले 700 एंकर्स भी मिले हैं। इसके अलावा सोने के सिक्के और बड़े-बड़े टेबल भी मिले हैं। रिसर्चर्स ने समुद्र में डूबे इस शहर के कुछ धार्मिक अवशेष भी निकाले हैं, जिसमें 16 फीट लंबे स्कल्प्चर भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि ये शहर के बीचोबीच मौजूद मंदिर का हिस्सा थे। एक्सपर्ट्स खुदाई में मिले सामानों को देखकर हैरत में हैं और इस बात से बहुत प्रभावित हैं कि इन्हें कितने अच्छी तरह से प्रिजर्व कर रखा गया है।
इस शहर के गायब होने की कहानी अब भी रिसर्चर्स के लिए रहस्य बनी हुई है। अब तक ये साफ नहीं हो सका है कि आखिरकार ये शहर डूबा क्यों। गोडियो का मानना है कि इलाके की पानी से तरबतर जमीन और रेतीली मिट्टी बड़ी बिल्डिंगों के वजन बर्दाश्त नहीं कर पाई और भूकंप में ये पूरे के पूरे शहर को निगल गई।


