राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत का सेंटर 25 सितंबर को मायागंज अस्पताल के ओपीडी बिल्डिंग में खुलेगा। योजना के तहत यहां आने वाले मरीजों का स्पेशल केयर करने के साथ पांच लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। गंभीर रोगियों को विशेष लाभ मिलेगा।
योजना के सफल क्रियांवयन के लिए फिलहाल डॉक्टरों का डेटा अपलोड किया जा रहा है। जिसे स्वास्थ्य विभाग को भिजवाया जाएगा। डेटा में डॉक्टरों के सर्टिफिकेट, ईमेल आईडी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर के अलावा तीन वर्ष का अनुभव और स्थायी आदि शामिल हैं। शुक्रवार को अस्पताल में डॉक्टरों का डेटा तैयार करने का काम शुरू हुआ। अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने बताया कि योजना के तहत उपचार को आने वाले मरीजों को आधार कार्ड लेकर आना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट में आयुष्मान भारत योजना में नाम जिनका नाम शामिल होगा, उनकाे ही योजना की स्कीम का लाभ मिलेगा। बीपीएल मरीजों का इलाज करने के बदले इंसेंटिव के रुप में सर्जन व सर्जरी की टीम को एक न्यूनतम राशि भी अलग से दी जाएगी। योजना के तहत लाभार्थी के रूप में व्यक्ति की पहचान के साथ उसे एक कार्ड मिलेगा, जिससे कि वह सालाना पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ ले सकेगा। मरीजों की सुविधाओं के लिए आरोग्य मित्र की नियुक्तियां की जाएंगी। ये मरीजों को सही जगह तक पहुंचाएंगे और उन्हें होने वाली परेशानियों से भी निजात दिलाएंगे।

योजना के तहत जिले में खुलेंगे हेल्थ वेलनेस सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होंगे अपडेट
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत डॉक्टरों के डेटा हो रहे अपलोड
जानें क्या है योजना
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के आम बजट में आयुष्मान भारत योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना में हर वर्ष 10 करोड़ गरीब परिवार को इलाज के लिए पांच-पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में पहले जन आरोग्य अभियान की शुरूआत होगी। इसके लिए हेल्थ सेंटर खोले गए हैं। 25 सितंबर से इंश्योरेंस स्कीम शुरू होगी। इसमें हेल्थ बीमा मिलेगा।

कैसे होगा लोगों का चयन
10 करोड़ परिवारों का चयन 2011 की जनगणना को आधार मानकर तैयार की जाएगी। अगर आप इस योजना के योग्य हैं तो रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। योजना के लिए आधार नंबर से परिवारों की सूची तैयार की गई है। सूची पूरी तरह तैयार होने के बाद योजना का लाभ लेने के लिए किसी पहचान पत्र की जरूरत नहीं होगी। योजना पूरी तरह कैशलेस होगी। आयुष्मान योजना के तहत बीमित व्यक्ति के इलाज का पांच लाख तक का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। बीपीएल परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की जगह इस योजना को शुरू किया गया है। पहले 30 हजार रुपए का ही बीमा कवर दिया जाता था।

इन बीमारियों का होगा इलाज
मैटरनल हेल्थ और डिलीवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, कॉन्ट्रासेप्टिव सुविधा और संक्रामक, गैर संक्रामक रोगों के प्रबंधन की सुविधा, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अलग से यूनिट होगी। इसके अलावा बुजुर्गों के इलाज की सुविधा भी होगी। हेल्थ वैलनेस सेंटर खोले जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपडेट होंगे।


