भागलपुर। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर इस्लाह-ए-मुआशरा व तहफ्फूज-ए-शरियत कमिटी के बैनर तले तीन तलाक बिल के विरोध में हजारों मुस्लिम महिलाएं ने प्रदर्शन किया।

बुधवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मुस्लिम महिलाओं का जत्था सुबह से ही शहर में पहुंचने लगा। जिससे शहर में दिन भर जगह-जगह जाम लगा रहा। स्लोगन की तख्तियों में लिखा था, हम कानून ए शरियत के पाबंद है, तीन तलाक बिल वापस लो, शरियत कानून हमारा एजाज है, हमारी शरियत में हस्तक्षेप बंद करों आदि स्लोगन लिये जिले के अलग-अलग जगहों से जत्थे की शक्ल में मुस्लिम महिलाएं पटेल एक जगह इकट्ठा हुई।

सभा को संबोधित करते वक्ताओं ने कहा कि तलाक विरोधी बिल लोक सभा में पास हो गया है जो गलत है। बिल को वापस लेने की मांग करते कहा कि यह बिल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का खुला हस्तक्षेप है और भारतीय संविधान का उल्लंधन है।

‘तीन तलाक अभिशाप नहीं वरदान है’
मुस्लिम महिलाओं का कहना था कि इस्लाम में तलाक का प्रावधान है। जो मुस्लिम महिलाओं के लिए अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है। महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक विरोधी बिल बड़ी जल्दीबाजी में लोक सभा में पास करा दिया गया।

जुबां पर थी खामोशी, दिल से निकल रही थी आवाज
भागलपुर में भी तीन तलाक कानून के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने मौन जुलूस निकाला। महिलाओं के साथ उनके बच्चे और पति भी शामिल थे। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे थे। मौन जुलूस में शामिल महिलाओं ने कहा कि यह बिल इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। इसलिए वह इसका विरोध कर रही हैं।

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By न्यूज़ डेस्क

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