आने वाले तीन महीने के बाद सहरसा-पूर्णिया रेलखंड पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलने लगेगी। अभी सहरसा-मधेपुरा के बीच 100 और मधेपुरा-मुरलीगंज रूट पर 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलती है।
मुरलीगंज-बनमनखी के बीच 75 और बनमनखी-पूर्णिया रेलखंड पर 60 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलती है। मधेपुरा-पूर्णिया के बीच ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने के लिए क्या सब जरूरत इसका गुरुवार को ईसीआर के मुख्य अभियंता(ट्रैक) ने विंडो निरीक्षण कर आंकलन किया। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता (ट्रैक) राजीव कुमार सिंह ने सहरसा से पूर्णिया स्टेशन तक विंडो निरीक्षण कर ट्रैक की वर्तमान स्थिति को देखा।

विंडो निरीक्षण के दौरान उनके साथ समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीईएन कॉ ऑर्डिनेशन बी. के. सिंह, सीनियर डीईएन थ्री मयंक अग्रवाल, एडीईएन मनोज कुमार थे। मिली जानकारी अनुसार स्पीड बढ़ाने से पूर्व ट्रैक मेंटेनेंस के लिए एक महीने बाद ऑटोमेटिक मशीन आएगी। इस मशीन को मधेपुरा से ट्रैक मेंटेनेंस में लगाया जाएगा। मेंटेनेंस और गिट्टी दुरुस्त कार्य होने के बाद हाजीपुर से प्रिंसिपल चीफ आएंगे। स्पीड ट्रायल कर ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए हरी झंडी देंगे। सहरसा स्टेशन पर एडीईएन दुर्गा प्रसाद, एसएसई सुभाष कुमार, एसएसई राकेश कुमार, जेई(वर्क्स) स्नेह रंजन, आरपीएफ के एसआई मो. रहमान, एसआई देवल मंडल, सीएचआई पुष्पक कुमार सहित अन्य थे। सहरसा-पूर्णिया रेलखंड पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के बाद सहरसा-मानसी के बीच ट्रेन की रफ्तार बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा करने की योजना है।

ई ग्रुप में है सहरसा-पूर्णिया रेलखंड :
सहरसा-पूर्णिया रेलखंड को रेलवे ने ई ग्रुप में रखा है। कटिहार-बरौनी रेलखंड डी ग्रुप में है। पटना रेलखंड बी ग्रुप में है। सी ग्रुप में सवरवन यानी कोलकाता, मुम्बई सहित अन्य रेलखंड है।
फनगो हाल्ट पास ट्रैक है सुरक्षित :
सहरसा-मानसी रेलखंड में स्थित फनगो हाल्ट के पास ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित है। सीनियर डीईएन कॉ आर्डिनेशन ने कहा कि फनगो हॉल्ट के पास ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित है। कटाव का कोई खतरा नहीं है। अभियंताओं की टीम 24 घंटे नजर बनाए हैं।


