भागलपुर प्रशासन ने विक्रमशिला पुल पर 20 टन से अधिक भार वाली गाड़ियों के चलने पर लगाए रोक को बुधवार को हटा लिया। गुरुवार से अधिकतम 45 टन की क्षमता वाली गाड़ियों के चलने की अनुमति दे दी गई है। मगर 45 टन से अधिक भार वाले वाहनों का पुल पर परिचालन नहीं होगा। हालांकि इसमें भी प्रशासन ने कई शर्तें लगाई हैं।
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पुल निर्माण निगम लिमिटेड की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने आदेश जारी किया है। प्रशासन ने चार फरवरी को जारी संयुक्त आदेश को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। इसके तहत पुल पर ओवलोड गाड़ियों को रोकने के लिए भारी वाहनों के ग्राउस व्हीकल वेट (सकल वाहन वजन) को मानक बनाया गया है। ग्राउस व्हीकल वेट से अधिक भार वाले गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से रोक दिया जाएगा।
कहा गया है कि छह चक्का वाले भारी वाहन हेतु 16 टन, 10 चक्का वाले भारी वाहन हेतु 25 टन व 14 चक्का वाले भारी वाहन के लिए 30 टन निर्धारित किया गया है। पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना प्रबंधक को भारी वाहनों की जांच के लिए सेंसरयुक्त धर्मकांटा लगाने का निर्देश दिया गया है।

जिला परिवहन पदाधिकारी भागलपुर व खनिज विकास पदाधिकारी को नियमित रूप से ओवरलोड गाड़ियों की जांच का आदेश दिया गया है। संबंधित थानाध्यक्ष व टीओपी प्रभारी को भी निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। सभी एसडीओ और डीएसपी को चेकपोस्ट पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। पुल पर दो वाहनों के बीच औसत दूरी 20 मीटर रखने के लिए कहा गया है।
पटना में मंगलवार को पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहित भागलपुर से वरीय परियोजना पदाधिकारी की बैठक हुई थी। इसमें यह निर्णय लिया गया कि सेंट्रल मोटर व्हीकल रुल्स 1989 के अनुसार निर्धारित ग्राउस व्हीकल वेट से अधिक भार वाले वाहनों का परिचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। साथ ही किसी भी परिस्थिति में अधिकतम भार 45 टन से अधिक नहीं होना चाहिए।

