भागलपुर । विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले पुल के लिए पथ निर्माण विभाग को दी जाने वाली जमीन में देरी होगी। पुल व संपर्क पथ निर्माण के लिए भूमि स्थानांतरण की संचिका डीएम ने लौटा दी है। डीएम ने कहा है कि एलायनमेंट के हिसाब से जमीन का चयन हुआ है या नहीं, इसकी एनओसी दें। साथ ही री-टेंडर के हिसाब से स्थानांतरण भूमि है या नहीं, इसकी भी रिपोर्ट दें। आरसीडी को जमीन के स्थानांतरण की संचिका भेजने से पहले एडीएम ने खरीक, सबौर और जगदीशपुर अंचल से आयी रिपोर्ट को आधार बनाया था। अब डीएम की आपत्ति के बाद तीनों सीओ से एनओसी की मांग की गई है।
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बता दें कि परियोजना को लेकर पथ निर्माण विभाग को तीन मौजे की सरकारी जमीन ट्रांसफर की जानी है। इसमें जगदीशपुर अंचल के बरारी वार्ड नंबर एक में 1.42 एकड़, सबौर अंचल के मक्खुजान मौजे में 10.88 एकड़ और खरीक अंचल के महादेवपुर मौजे में 0.24 एकड़ जमीन का स्थानांतरण किया जाएगा। जबकि खरीक अंचल के महादेवपुर मौजा में 40 एकड़ 36 डिसमिल और इस्माईलपुर अंचल के परबत्ता मौजा में 59.5 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण होगा।
समानांतर पुल की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर, 2021 को वीडियो कांफ्रेंस से रखी थी। समानांतर पुल के निर्माण पर 958.35 करोड़ खर्च का अनुमान है। टेंडर की प्रक्रिया सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, (मोर्थ) नयी दिल्ली द्वारा अपनायी जा रही है। चार एजेंसियों ने इसके लिए टेंडर दिया था।

