भागलपुर —बिहार के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सली सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए अलग अलग तरीके ढूंढ़ रहे हैं। इस लेकर मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित सभी जिलों के एसएसपी/एसपी को अलर्ट किया है। ताकि नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। बिहार में नक्सली किसी व्यक्ति की मुखबिरी के आरोप में हत्या करने के बाद उसके शव का प्रयोग मानव बम के रुप में करने लगे हैं। जिस लेकर मुख्यालय चिंतित है।
इस लेकर पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), बिहार ने बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, बगहा, नवादा, औरंगाबाद और गया जिलों को अलर्ट किया है। ऐसे हमलों के बारे में अधीनस्थों को जागरूक करने का दिया गया निर्देश: पुलिस मुख्यालय द्वारा पत्र लिख कहा गया है कि जिला पुलिस के ज्यादातर पुलिस पदाधिकारी और कर्मी नक्सलियों की ऐसी तकनीक से परिचित नहीं है।

इस कारण ऐसे हमलों में आम नागरिकों और पुलिस काफी संख्या में निशाना बनाए जाने की संभावना मुख्यालय ने जताई है। इस बाबत सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे इलाकों में तैनात डीएसपी, इंस्पेक्टर, थानेदार, पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों, केंद्रीय सुरक्षा बलों के पदाधिकारियों/कर्मियों को निर्देशों से अवगत कराने को कहा गया है। साथ ही क्षेत्र में नक्सल विरोध अभियान के पूर्व केंद्रीय सुरक्षा बलों के समादेष्टा से समन्वय स्थापित करने के उपरांत ही नक्सल विरोधी अभियान चलाने को कहा है

जोनल आइजी सुशील मानसिंह खोपड़े ने कहा कि नक्सलियों द्वारा इस तकनीक के इस्तमाल करने को लेकर प्रभावित जिलों को अलर्ट रहने को कहा गया है। इसके अलावा ऐसे जिलों में नक्सल ऑपरेशन के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों से बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया है।
जमुई में सुरक्षाकर्मियों को मानव बम बनाकर उड़ाने की हुई थी साजिश
हाल में 14 अगस्त को जुमई जिले के चंद्रमंडीह इलाके में नक्सलियों ने चकाई इलाके सतपोखरा मंदिर के पास लखीसराय निवासी एक फेरीवाले युवक की गला रेत कर हत्या मुखबिरी के आरोप में कर दी थी। घटना की सूचना मिलने पर जब चंद्रमंडीह थानेदार हेमंत कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे शव को उठाने लगे तो शव के नीचे लगा प्रेशर बम फट गया। इसमें हुए विस्फोट में थानेदार, सीआरपीएफ के असिसटेंट कमांडेंट ब्रजेश कुमार समेत कई लोग जख्मी हो गए। वे लोग इस विस्फोट में बाल बाल बच गए।

जमुई में नक्सलियों ने की एसएसबी जवान की हत्या
उधर जमुई में बरहट थाना क्षेत्र के पांडेठीका गांव में नक्सलियों ने एसएसबी जवान सिकंदर यादव की हत्या कर दी। नक्सलियों को संदेह था कि जवान पुलिस की मुखबिरी करता था। वह जयनगर में तैनात था। परिजनों ने बताया कि देर रात वर्दी में दो लोग घर पर पहुंचे। उन लोगों को सिकंदर को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया। फिर हाथ बांध कर घर से कुछ दूर ले जाने के बाद गोली मार दी। इस घटना को अंजाम देने में कुछ महिलाएं भी शामिल थी। घटना को अंजाम देकर नक्सली जंगल में प्रवेश कर गए। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है।


