भागलपुर। शिक्षक दिवस 2021: शिक्षक दिवस के मौके पर छात्र-छात्राओं ने भी अपने गुरुजनों को याद किया। उन्होंने एक स्वर में कहा कि हमारे माता-पिता ही पहले गुरू होते हैं। छात्राओं ने कहा कि हमें अपने पहले गुरु पर गर्व होता है। उनका कहना है कि गुरू के बिना सफलता संभव नहीं है। किसी भी सफल इंसान के पीछे उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण बात होती है। इस कारण उनका सम्मान सबसे जरूरी है।
शिक्षक दिवस के दिन के दिन हम अपने गुरुजनों को याद करते हैं। माता-पिता के अलावा प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा देने वाले शिक्षक हमारे लिए सर्वोपरि होते हैं। जो हमारा आधार तैयार करते हैं। हमें उन पर गर्व है। – श्रेया सिंह, छात्रा
यूं तो शिक्षा के लिए शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है, किंतु कुछ गुरूजन ऐसे होते हैं जो माता-पिता की भांति ही हमें समझाते हैं और पढ़ाते हैं। ऐसे गुरुजनों को हम इस दिवस विशेष पर याद करते हैं। – राशि सिंह, छात्रा


शिक्षक दिवस का उद्देश्य ही गुरू को याद करने का दिन है। हमारे जीवन में माता-पिता ही पहले गुरू के रूप में साथ होते हैं। उनके बताए रास्ते पर ही हम आगे बढ़ते हैं और सफलता की सीढ़ी चढ़ते हैं। – नैना कुमारी, छात्रा
प्रत्येक विद्यार्थियों को अपने गुरू पर गर्व होता है। ऐसा इस कारण कि उनकी शिक्षा-दीक्षा और सान्ध्यि के कारण ही वे आगे बढ़ते हैं। सफलता की सीढ़ी पर चढऩे के लिए हमारे जीवन में गुरू का बहुत महत्व है। – आर्या सिंह, छात्रा
हमारे जीवन में शिक्षकों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। बाल्यकाल से लेकर प्रोढ़ावस्था तक हमारे जीवन में गुरू का विशेष महत्व होता है। किसी की भी सफलता में गुरुजनों का विशेष मार्गदर्शन होता है। – प्रगति सेंगर, छात्रा
शिक्षक यानी गुरु के बिना कोई भी योग्य नहीं बनता। हरेक को गुरु के मार्गदर्शन की जरुरत होती है। गुरु को भगवान से भी ऊपर का दर्जा मिला हुआ है। जरुरत है आज के समय में गुरु और शिष्य के बीच आदर्श संबंध स्थापित करने का। दीक्षा प्रियंका, मुंगेर

