सूर्य ग्रहण का ज्योतिष के साथ वैज्ञानिक महत्व भी है. इसे अशुभ घटना आंकी जाती है. यही कारण है कि इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की मनाही होती है. मान्यताओं की मानें तो सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य ग्रसित हो जाते हैं, जिससे सूर्य की रोशनी और प्रकृति में शुभता आ जाती है.
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करीब चार घंटे रहेगा ग्रहण
सूर्य ग्रहण सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू हो जाएगा, जो लगभग चार घंटे बाद दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पूरा होगा. यह वलयाकार सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1.42 बजे शुरू होगा और शाम 6.41 बजे खत्म हो जाएगा.

मान्य होगा सूतक काल?
चार दिसंबर को लगने का जा रहे सूर्य ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा क्योंकि ये उपछाया ग्रहण होगा. साल का आखिरी सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में दिखाई पड़ेगा, इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा. ज्योतिष अनुसार, पूर्ण ग्रहण पर ही सूतक काल मान्य होता है. आंशिक या उपछाया पर ये नियम लागू नहीं होते हैं.
इन राशियों पर पड़ेगा असर
सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी हैं. इस दौरान ये राशि वाले वाद-विवाद से दूर रहें. वाहन आदि इस्तेमाल करते हुए सावधानी बरतें और अधिक वाचाल होने से बचें. इस दौरान आप पर शत्रु हावी होने का प्रयास कर सकते हैं, ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है. संभव हो तो किसी को उधार देने या देने से बचें.
तीन प्रकार के होते हैं सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण, दूसरा आंशिक सूर्य ग्रहण और तीसरा वलयाकार सूर्य ग्रहण. ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है.
कहां कहां दिखेगा
यह साल 2021 का अंतिम सूर्य ग्रहण है. इस सूर्य ग्रहण को दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया,अटलांटिक के दक्षिणी भाग और दक्षिण अफ्रीका में देखा जा सकेगा. इसे शाम को लगभग 5:52 बजे अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभयारण्य के पास से देखा जा सकेगा. जबकि लद्दाख के उत्तरी हिस्से में ये शाम लगभग 6 बजे दिखाई देगा.
