भागलपुर, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के स्नातक पार्ट-2 के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में छात्रों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के बाहर धरना दिया। छात्रों ने जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के दौरान विवि प्रशासनिक भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बन्द कर दिया गया। इससे विश्वविद्यालय में काम कराने आने वाले छात्रों, अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पार्ट-2 के रिजल्ट में व्यापक गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रिजल्ट सुधार कर जल्द प्रकाशित करने की मांग की। छात्र कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे थे। घंटे भर बाद परीक्षा नियंत्रक नीचे उतरे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने तीन दिनों में रिजल्ट सुधार कर प्रकाशित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र शांत हुए।

राहुल और रवि को आया शून्य अंक
महादेव सिंह कॉलेज के छात्र राहुल कुमार इतिहास और जीबी कॉलेज नवगछिया के रवि कुमार को हिन्दी में शून्य अंक आया है। उन्हें प्रमोट किया गया है। छात्रों ने कहा कि वे परीक्षा में बैठे थे। परीक्षा केंद्र के रजिस्ट्रर में वे उपस्थित और रिजल्ट में उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया है। धरने पर बैठे दर्जनों छात्रों की यही परेशानी थी। प्रदर्शन में शामिल मारवाड़ी कॉलेज के कॉलेज मंत्री अमित कुमार ने बताया कि एक तो परीक्षा के इतने दिनों बाद रिजल्ट घोषित करने में काफी लंबा वक्त लिया। इसके बाद भी रिजल्ट में गड़बड़ी कर छात्रों को परेशान किया जा रहा है। इसके अलावा रिजल्ट में बहुत से छात्रों को उम्मीद से बहुत कम नंबर दे दिए गए हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों से कॉपी निकलवाने के नाम पर विश्वविद्यालय द्वारा अलग से पैसे लिए जाते हैं, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। मौके पर मारवाड़ी कॉलेज अध्यक्ष आदित्य राज, राहुल, रोशन, अमित, इमरान, प्रिंस व अन्य समेत एबीवीपी के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
50 प्रतिशत छात्रों को किया प्रमोट
बीसीए सेकेंड सेमेस्टर के 203 पेपर में 50 प्रतिशत छात्रों को प्रमोट कर दिया जाता है। बीसीए के छात्र निखिल ने बताया कि धरना में टीएनबी, मारवाड़ी, जीबी कॉलेज के छात्र बीसीए और बायोइंफॉरमेटिक के छात्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जानबूझकर छात्रों को परेशान किया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन दोबारा फॉर्म भरने के नाम पर हजार रुपये लेकर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। अगर विवि प्रशासन कोई निर्णय नहीं लेगा तो आगे आंदोलन किया जाएगा।


