भागलपुर. शहर में 77 हजार परिवारों को गंगा का शुद्ध पानी पिलाने के लिए नगर विकास विभाग की 350 करोड़ की योजना के जमीन पर उतरने के बाद भी लोगों को 2019 में पानी नसीब नहीं होगा। योजना के तहत 450 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के लिए ढाई साल में पैन इंडिया ने शहर की सड़कें काटी। नल कनेक्शन भी कर दिए।


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योजना पूरे होने की मियाद भी 2019 तय कर दी। लेकिन पानी के लिए शहरवासियों ने ढाई साल तक जो परेशानी झेली, उसका फायदा 2019 में भी शहरवासियों को नहीं मिल सकेगा। विभाग ने इन पाइपलाइन में पानी भेजने के लिए जो दूसरे फेज में 255 करोड़ की योजना बनाई, उसे जमीन पर उतारने की कवायद ही नहीं की। इतना ही नहीं, पैन इंडिया ने ढाई साल में महज 160 किमी ही पाइपलाइन बिछाई। अ चुनौती दूसरे वाटर वर्क्स बनाने और बाकी 290 किमी पाइपलाइन बिछाने की है। तय समय में किए दावे फेल नजर आ रहे हैं।

पैन इंडिया ने ढाई साल में सिर्फ इतना ही किया काम 
पाइपलाइन : पैन इंडिया को दिसंबर 2019 तक शहर में 450 किलोमीटर पाइपलाइन बिछानी थी। कंपनी ने इसी धीमी गति से काम किया, कि ढाई साल बीतने के बाद भी महज 160 किलेामीटर ही पाइपलाइन बिछा सकी। ऐसे में कार्य समाप्ति की तारीख तक 290 किलोमीटर पाइप बिछाना बड़ी चुनौती है।

जलमीनार : तीन जलमिनार बनाए। हाउसिंग बोर्ड बरारी, वारसलीगंज और टीएमबीयू में बने जलमिनार चालू करने की हालात तक पहुंच गए। लेकिन ये सभी मीनार खाली हैं। इनमें पानी पहुंचाने के लिए दूसरे फेज में होने वाले काम के लिए इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में फिलहाल पैन इंडिया ने बोरिंग कर लोगों की प्यास बुझाने के लिए बुडको से इजाजत मांगी है। हालांकि यह अब तक फाइनल नहीं हाे सका है। तातारपुर गोदाम और सुरखीकल में जलमीनार बनाने का काम चल रहा है, जबकि लाजपत पार्क में भी दो महीने पूर्व काम शुरू हुआ है।

शहर की प्यास 2019 तक इसलिए नहीं बुझ सकती 
पहले फेज में शहरभर में पाइपलाइन बिछाने के बीच बुडको ने दूसरे फेज के काम की योजना भी बनाई। तय हुआ कि 255 करोड़ से नया वाटर वर्क्स बनेगा। यहां पानी साफ होगा और शहर में बने जलमीनारों तक पहुंचेगा। इसके बाद नई बिछी पाइपलाइन के जरिए लोगों के घरों तक पहुंचेगा। यह सब कागजों में ही पड़ा है। दूसरे फेज के लिए होने वाले टेंडर ही नहीं हो सके। इतना ही नहीं, इसकी प्रक्रिया ही एक साल से चलाई जा रही है। जिम्मेदारों ने नवंबर में ही इसे फाइनल करने के दावे किए थे, लेकिन फाइनांशियल बिड खुलने के बाद अब तक इसका मूल्यांकन ही किया जा रहा है।

अभी ऐसे हैं हालात 
गंगा और ग्राउंड वाटर लेवल लगातार गिर रहा है। ट्यूबवैल और बोरिंग जवाब दे रहे हैं। फशहर की रोजाना जरूरत 45 एमएलडी पानी की बजाय 59 ट्यूबवेल से 13 अौर बरारी से महज 12 एमएलडी पानी ही दिया जा रहा है।

दिन-रात चल रहा है काम 
पैन इंडिया के बिजनेस हेड राजीव मिश्रा ने बताया कि दिन-रात पाइपलाइन बिछाने काम चल रहा है। 200 मजदूर और 25 इंजीनियरों की टीम काम कर रही है। 2019 दिसंबर तक 450 किलोमीटर पाइप बिछा लेंगे।

जल्द फाइनल होगा टेंडर
बुडको कार्यपालक अभियंता योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि दूसरे फेज के लिए फाइनांशियल बिड खुला है। मूल्यांकन चल रहा है। एजेंसियों ने 272 करोड़ में काम करने की बात कही है। सोमवार को पटना में पैन इंडिया और बुडको के साथ बैठक होगी। जल्द ही टेंडर फाइनल होगा।

By न्यूज़ डेस्क

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