बिहार की राजनीति को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बढ़ती ठंड के बीच गर्मा दिया है। गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर सत्तारुढ़ JDU को अपने साथ आने का ऑफर किया है। यह ऑफर लालू यादव के खास और RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने दिया है। ऐसे में माहौल में गर्मी देखी जा रही है। मुद्दों आधारित यह समर्थन भी BJP के कान खड़े करने के लिए काफी है।
पटना में प्रेस कांफ्रेंस कर सिंह ने कहा, ‘भाजपा के आगे नीतीश कुमार झूकें नहीं। विशेष राज्य के दर्जा और जातीय जनगणना के मुद्दे पर नीतीश सरकार पर किसी तरह का राजनीतिक असर पड़ता है तो महागठबंधन नीतीश कुमार को साथ देने के लिए खड़ा है।’
भाजपा बिहार के विकास को बाधित कर रही
वहीं, RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, ‘जाति जनगणना और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए बिना बिहार की जनता का भला नहीं हो सकता। बिहार का विकास भाजपा बाधित कर रही है इसलिए नीतीश कुमार को भाजपा के साथ पर पुनर्विचार करना चाहिए।’
2015 में हाजीपुर में रैली कर पहली बार एक साथ मंच पर आए थे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और RJD सुप्रीमो लालू यादव। मच पर दोनों ने चाय भी पी थी।

साथ नहीं जाएंगे नीतीश, अपमान भूले नहीं है: BJP
वहीं, RJD के ऑफर पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा है, ‘RJD को विश्वास हो गया है कि वह अपने बल बूते सरकार नहीं बना सकती। विधानसभा चुनाव में ताकत लगाकर देख लिया है, पर सफल नहीं हुए। नीतीश कुमार अब RJD के साथ जाने वाले नहीं हैं। काठ की हांडी दोबारा नहीं चढ़ती। जिस तरह से नीतीश कुमार को RJD ने अपमानित किया है, वे उनके साथ नहीं जाएंगे।’
उन्होंने कहा, ‘आजादी के बाद आज तक केन्द्र की नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बिहार में जितना विकास किया उतना किसी सरकार ने नहीं किया। एक लाख 25 हजार करोड़ का विशेष पैकेज दिया गया। UPA गर्वनमेंट की बकाया राशि भी दी। बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए नरेन्द्र मोदी लगातार राशि दे रहे हैं। सड़कों का निर्माण देख लीजिए। तेजस्वी यादव सपना देखना बंद करें। उनके मामा ने ही कह दिया है कि तेजस्वी कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते।’
उपचुनाव के समय भी लालू ने किया था बड़ा दावा
अक्टूबर में उपचुनाव के समय RJD सुप्रीमो लालू यादव के पटना आने के साथ ही बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई थी। वह अब पूरे जोश में दिखाई दे रहे थे। साथ ही साथ न्यूज चैनलों को दिए इंटरव्यू में उपचुनाव जीतने के साथ ही सरकार गिराने का दावा भी किया था। उन्होंने कहा था, ‘उपचुनाव के बाद नीतीश कुमार की सरकार को गिरा दिया जाएगा। हमारा फॉर्मूला है भगदड़ मचा देना… भगदड़ मचा दिया जाएगा।’ हालांकि, उपचुनाव में RJD की जीत नहीं हो सकी थी। इसके बाद यह बयान गौण हो गया था।
दिसंबर 2020 में PM कैंडिडेट बनाने का दिया था ऑफर
दिसंबर 2020 में बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और RJD के सीनियर नेता उदय नारायण चौधरी और विजय प्रकाश ने JDU को NDA छोड़कर विपक्ष के साथ आने का ऑफर दिया था। अरुणाचल प्रदेश में JDU विधायकों को भाजपा में शामिल किए जाने के प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं ने कहा था, ‘नीतीश कुमार खुद PM बनें और तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाएं।’

