नवगछिया । योगपीठ में रामानुज जीयर स्वामी श्री तोताद्रि जी महाराज रथ पर सवार होकर जैसे ही तेतरी दुर्गा मंदिर पहुंचे, हजारों की संख्या में लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। उनके साथ स्वामी अनन्ताचार्य महाराज और आगमानंद महाराज थे। योगपीठ में रामानुज जीयर स्वामी तोताद्रि जी महाराज की पूजा स्वामी अनंताचार्य और स्वामी आगमानंद ने की।
रामानुज जीयर तोताद्रि स्वामी ने गीता के श्लोक यदा-यदा श्री धर्मस्य ने अपना संबोधन शुरू किया। कहा कि ईश्वर और संत का अवतार तभी होता है, जब देश व समाज को उसकी जरुरत हो। स्वामी अनंताचार्य महाराज ने कहा तोताद्रि स्वामी के आगमन से योगपीठ धन्य हुआ। वे पहली बार बिहार आए हैं।
कार्यक्रम में डा. मत्युंजय सिंह गंगा, प्रभात कुमार सिंह, वेदांति शंभू नाथ शास्त्री, कुंदन बाबा, मनोरंजन प्रसाद सिंह, स्वामी शिव प्रेमानंद भाई जी, स्वामी मानवानंद, पंडित प्रेम शंकर भारती, दिलीप शास्त्री आदि वहां मौजूद थे। माधवानंद ठाकुर, बलवीर सिंह बग्घा, सुबोध दा पूरे कार्यक्रम के दौरान गुरु को समर्पित भजन गाते रहे। स्वामी आगमानंद ने सभी के कल्याणार्थ दोनों संतों से अशीर्वाद मांगा। योगपीठ के कार्यकर्ताओं ने सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, महाप्रसाद, चाय व जल की व्यवस्था की थी। यहां का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद तीनों संत खगड़िया के महेशखूंट समसपुर के लिए प्रस्थान कर गए।


