
आशीष कुमार, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने हिंदी भाषा को लेकर बड़ा कदम उठाया है उन्होंने अपने जनसंवाद में लोगों के सुझाव के बाद राज्य के सभी हाई स्कूलों और प्लस टू में भरे जाने वाले फॉर्म की भाषा पर खासी नाराजगी जाहिर किया था. उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन को निर्देश दिया दिया की यह सुनिश्चित करें की मैट्रिक और इंटर फार्म में हिन्दी भाषा का प्रयोग किया जाय.
उन्होंने कहा था कि हिंदी हमारे देश की राष्ट्रभाषा है और सरकारी कार्य भी इसी में ही होना चाहिए. इस बारे में उन्होंने कहा था की प्रमाण-पत्र में रोअन का लिपि का इस्तेमाल होता है उसकी अन्य राज्यों में भी जरुरत पड़ती है लेकिन पंजीयन आदि किसी तरह का फार्म रोमन लिपि में नहीं होनी चाहिए. अंग्रेजी भाषा विद्यार्थियों को जानना चाहिए लेकिन सरकारी कार्यलय में हिंदी भाषा का ही इस्तेमाल होना चाहिए. उन्होंने अंग्रेजी भाषा के बारे में कहा कि रूस, चीन, फ्रांस जैसे देश ने अपना विकास अंग्रेजी के इस्तेमाल से नहीं किया है अपने राष्ट्र भाषा से ही आज अपने को दुनिया में साबित किया है सीएम को इस बात के में पटना के अनिरूल हक ने यह सुझाव दिया था


