नवगछिया : भाई-बहन का पर्व कर्मा-धर्मा हर्षोल्लास के साथ शनिवार को मनाया जायेगा। यह पर्व बहनों द्वारा भाई के दीर्घायु के लिए किया जाएगा। काली मंदिर के पंडित रामजी मिश्र ने बताया कि एकादशी तिथि का आरंभ शुक्रवार को संध्या 5:42 से शुरू हो गया। जिसका समापन शनिवार को शाम 4:35 में होगा। इस दौरान शोभन योग में संयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि बरारी गंगा घाट एवं अन्य जगहों पर यह पर्व मनाया जाएगा।
इस व्रत में बहनें दिनभर उपवास कर पांच तरह के फूल-पकवान आदि से डलिया भरकर कर्मा धर्मा की कथा कहती और सुनती हैं। व्रत के दिन मोहल्ले की लड़कियां एक समूह के साथ गीत गाती हुई गंगा स्नान करने जाती है।। स्नान करने के बाद फूल तोड़कर और कसाल यानी झूर लेकर घर आती है। उन्होंने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार कर्मा-धर्मा दो भाई थे।
कर्मा प्रदेश कमाने के लिए चला गया। कुछ दिनों के वाद वहां से लौटने के बाद देखा की उन का छोटा भाई कर्मा की डाली की पूजा करने में लीन है। वह अपने पूजा से उठा नहीं इससे धर्मा को गुस्सा आ गया और सारे पूजन सामग्री फेंक दिया। दोनों भाई आपस में लड़ने झगड़ने लगे तभी कर्मा-धर्मा की बहन ने कर्म देवता की पूजा की तब जाकर दोनों भाई में एकता हुई और परिवार में सुख समृद्धि वापस लौटी। यह पर्व भाद्रपद की एकादशी को मनाया जाता है।


